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पिछले दो-तीन दिन से राजधानी पटना के मुसल्लहपुर हाट मोहल्ले में भारी बेचैनी दिख रही है. “हमारे मोहल्ले से कई लड़के पटना छोड़कर घर लौट गए हैं. हमारे जैसे कुछ लोग जो बचे हैं, वे इसलिए बचे हैं क्योंकि हमारे सिलिंडर में गैस बची है. संयोग है कि हमने होली से पहले ही गैस भरवा लिया था.” इस मोहल्ले के एक कमरे में किराए पर रहने वाले अभयानंद पाठक इन दिनों LPG गैस की किल्लत के बारे में पूछने पर यह बात कहते हैं.
दरभंगा के अभयानंद पिछले तीन साल से पटना में रहकर बीपीएससी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं. निम्न मध्यवर्गीय परिवार के अभयानंद इस महंगाई के दौर में सिर्फ साढ़े पांच हजार रुपए में पूरा महीना गुजार देते हैं. वे अपना हिसाब उंगलियों पर गिनाते हैं, “2700 रुपए कमरे का किराया. एक हजार रुपए खाने-पीने का और फिर नेट रिचार्ज, किताब-कॉपी और दूसरे खर्चे.”






























