Hindi News
फरवरी की 15 तारीख को लखनऊ में जब सपा मुख्यालय के मंच पर अखिलेश यादव ने नसीमुद्दीन सिद्दीकी को माला पहनाकर पार्टी की सदस्यता दिलाई, तो यह सिर्फ एक औपचारिक ज्वाइनिंग नहीं थी. यह 2027 की तैयारी का संकेत भी था.
BSP सरकार में नंबर दो की हैसियत रखने वाले और बाद में कांग्रेस में आठ साल बिताने वाले सिद्दीकी का साइकिल पर सवार होना कई संदेश दे गया. उन्होंने शेर पढ़ा, 'हयात लेके चलो, कायनात लेके चलो. चलो तो सारे जमाने को साथ ले के चलो...' बदलाव की हुंकार भरी और मुलायम सिंह यादव को याद किया.































