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हमीरपुर जिले में बेतवा नदी पर 28 मई की रात निर्माणाधीन पुल का पिलर और स्लैब अचानक भरभराकर गिरा तो उसके मलबे में सिर्फ कंक्रीट और सरिया ही नहीं दबे बल्कि निर्माण स्थलों पर काम करने वाले मजदूरों की सुरक्षा को लेकर सरकारी दावों की भी पोल खुल गई.
इस हादसे में चार मजदूरों और दो सुरक्षा गार्डों की मौत हो गई. प्रारंभिक जांचों में निर्माण संबंधी खामियों और निगरानी की कमी की बात सामने आई है लेकिन इस दुर्घटना ने एक और गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर उत्तर प्रदेश में हजारों करोड़ रुपए की लागत से बन रहे पुलों और फ्लाईओवरों पर काम करने वाले मजदूर कितने सुरक्षित हैं?




























