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लखनऊ के मोहनलालगंज में 16 और 12 वर्ष की दो बहनों के अपहरण के बाद जो कहानी सामने आई, उसने उत्तर प्रदेश में मानव तस्करी के खतरनाक नेटवर्क की परतें उधेड़ दीं. दोनों किशोरियों को शादी के लिए राजस्थान में बेचने की तैयारी थी.

पुलिस ने 4 जून को जब मामले का खुलासा किया तो पता चला कि यह कोई अकेली घटना नहीं थी, बल्कि वर्षों से सक्रिय एक ऐसा संगठित गिरोह था जो गरीब, असहाय और कमजोर परिवारों की बेटियों को निशाना बनाकर उन्हें लाखों रुपए में बेच रहा था.

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