कोविड महामारी की मंदी के बाद, पिछले कुछ सालों से भारत में ट्रैवल का जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा था. लेकिन मिडिल ईस्ट, खासकर ईरान और अब दूसरे खाड़ी देशों तक फैलते सैन्य संघर्ष ने भारतीय यात्रियों को बहुत सतर्क कर दिया है. इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि खाड़ी के कई देशों ने अपने एयरस्पेस का इस्तेमाल पूरी तरह से बंद या सीमित कर दिया है, जिससे एविएशन सेक्टर में भारी रुकावट आई है.
यह संकट कब तक चलेगा, इसे लेकर अनिश्चितता बनी हुई है. इसका सीधा असर बुकिंग के पैटर्न पर दिखने लगा है. इंटरनेशनल ट्रैवल प्लैटफॉर्म 'Pickyourtrail' के को-फाउंडर और CEO हरि गणपति बताते हैं कि ओवरऑल बुकिंग्स में 30-60 प्रतिशत की भारी गिरावट आई है. मिडिल-ईस्ट सेक्टर, जहां आमतौर पर रमजान के बाद भारत से बुकिंग्स में भारी उछाल आता है, वहां सबसे तगड़ी मार पड़ी है.
हालांकि, मई-जुलाई की तुलना में मार्च आमतौर पर ट्रैवल के लिए थोड़ा सुस्त महीना होता है, क्योंकि इस दौरान स्कूलों में परीक्षाएं होती हैं और वित्त वर्ष की क्लोजिंग चल रही होती है.
गणपति कहते हैं, "दिलचस्प बात यह है कि हमारी वेबसाइट पर आने वाले, अलग-अलग ऑप्शंस और डेस्टिनेशंस तलाशने वाले यूज़र्स की संख्या कम नहीं हुई है." इसका मतलब है कि भारतीय अभी भी घूमना और दुनिया देखना चाहते हैं. लेकिन जो चीज बदली है, वह है इन सर्च का असली 'बुकिंग' में बदलना. लोग सतर्क हैं, इसलिए वे सर्च तो कर रहे हैं लेकिन बुकिंग करने से बच रहे हैं.
बुकिंग में 30-60 प्रतिशत की यह बड़ी गिरावट अलग-अलग रूट्स का हाल भी बताती है. श्रीलंका, सिंगापुर, वियतनाम और बाली जैसे डेस्टिनेशंस पर बुकिंग करीब 30 प्रतिशत गिरी है. लोग अभी भी सफर कर रहे हैं, लेकिन डिमांड में साफ तौर पर सुस्ती नजर आ रही है. गणपति बताते हैं कि सबसे बड़ी गिरावट पश्चिम की तरफ जाने वाले रूट्स पर है, जहां डिमांड 40-60 प्रतिशत तक गिर गई है.
हवाई किराए भी आसमान छू रहे हैं. 10 मार्च तक, ईरान के ऊपर से गुजरने वाले सभी इंडिया-यूरोप रूट्स सस्पेंड कर दिए गए थे, जिससे एयरलाइंस को रूस के रास्ते अपनी फ्लाइट्स डायवर्ट करनी पड़ीं. Pickyourtrail के डेटा के मुताबिक, संकट शुरू होने के कुछ ही दिनों के भीतर इंडिया-यूरोप रूट्स पर किराए 17-33 प्रतिशत तक बढ़ गए. दुबई की जो चुनिंदा फ्लाइट्स उड़ रही हैं, उनमें वन-वे का किराया 60-80 प्रतिशत तक उछल गया है, जबकि यह भारत के सबसे व्यस्त इंटरनेशनल कॉरिडोर्स में से एक है. असल में, पिछले हफ्ते दर्ज की गई कुल फ्लाइट कैंसिलेशन में से 50-65 प्रतिशत तो सिर्फ दुबई रूट्स पर ही थीं.
'STIC ट्रैवल ग्रुप ऑफ कंपनीज' के फाउंडर-चेयरमैन सुभाष गोयल कहते हैं कि खाड़ी वह मुख्य कॉरिडोर है जो भारत को पश्चिम से जोड़ता है. इसके बंद होने से यूरोप जाने वाले कई यात्री इथियोपिया, श्रीलंका या जॉर्डन के रास्ते अपना सफर तय कर रहे हैं, क्योंकि वहां की एयरलाइंस अभी भी चल रही हैं. इसका नतीजा यह है कि पश्चिम की तरफ अभी वही लोग सफर कर रहे हैं जिन्हें कोई बहुत जरूरी काम या इमरजेंसी है.
फिलहाल, घरेलू यात्राओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ा है. हालांकि, गोयल चेतावनी देते हैं कि बेंगलुरु और चेन्नई जैसे शहरों में LPG की कमी की जो खबरें आ रही हैं, अगर हालात बिगड़े तो वे घरेलू पर्यटन को भी डिस्टर्ब कर सकती हैं. टूरिस्ट खाने के लिए मुख्य रूप से रेस्टोरेंट्स पर निर्भर होते हैं, जिससे बजट ट्रैवलर्स पर सबसे ज्यादा असर पड़ सकता है. वे बताते हैं कि फाइव-स्टार होटलों के पास इलेक्ट्रिक प्लेट्स और ओवन जैसे कई दूसरे विकल्प होने का फायदा रहता है.
इस बीच, Pickyourtrail ने एक लाइव 'सेफ-ट्रेवल एडवाइजरी' डैशबोर्ड लॉन्च किया है, जिसके साथ एक खास रीरूटिंग सर्विस भी दी जा रही है. यह प्लैटफॉर्म यात्रियों को "सुरक्षित डेस्टिनेशंस" तलाशने और मिडिल-ईस्ट के एयरस्पेस बंद होने से प्रभावित हुए अपने सफर के प्लान को विशेषज्ञों की मदद से फिर से सेट करने की सुविधा देता है.

