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India Today Indo-Japan Conclave : बातचीत से आगे अब एक्शन की तैयारी

इंडो-जापान कॉन्क्लेव का तीसरा संस्करण लगातार दोनों देशों के बीच मजबूत होती विरासत को आगे बढ़ाएगा और इससे यह भी पता चलेगा कि एशिया की विकास गाथा में यह द्विपक्षीय साझेदारी कितनी अहम बन चुकी है

Indo-Japan Conclave 2026 में शामिल हो रहे प्रमुख वक्ता
अपडेटेड 21 मई , 2026

देश की राजधानी 22 मई को इंडिया टुडे इंडो-जापान कॉन्क्लेव के तीसरे संस्करण की मेजबानी करेगी. इसमें दोनों देशों के नीति निर्माता, राजनयिक, उद्योग जगत के नेता और रणनीतिक विशेषज्ञ शामिल होंगे. यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब भारत और जापान के बीच मैन्युफैक्चरिंग, टेक्नोलॉजी, इंफ्रास्ट्रक्चर, व्यापार और संस्कृति के क्षेत्रों में रिश्ते लगातार गहरे हो रहे हैं.

इंडिया टुडे ग्रुप की ओर से आयोजित इस दिनभर चलने वाली कॉन्क्लेव की थीम ‘द न्यू ग्रोथ कॉरिडोर (The New Growth Corridor)’ है. यह आयोजन बदलते भू-राजनीतिक हालात, सप्लाई चेन में बदलाव और बढ़ती आर्थिक अनिश्चितता के बीच हो रहा है. इसका मकसद एशिया की इन दोनों लोकतांत्रिक शक्तियों के बीच साझेदारी के अगले चरण की रूपरेखा तैयार करना है.

कॉन्क्लेव में कई प्रमुख हस्तियां शामिल होंगी. इनमें दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरणजीत सिंह संधू, केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और भारत में जापान के राजदूत ओनो केइची शामिल हैं.

इंडिया टुडे ग्रुप के एडिटोरियल डायरेक्टर (पब्लिशिंग) राज चेंगप्पा स्वागत भाषण के साथ कार्यक्रम की शुरुआत करेंगे. इसके बाद राजदूत ओनो केइची ‘इंडिया-जापान: एक्सपैंडिंग द ग्रोथ होराइजन (India-Japan: Expanding the Growth Horizon)’ विषय पर विशेष संबोधन देंगे.

उपराज्यपाल संधू ‘फ्रॉम मेट्रो टू मेट्रोपोलिस: हाउ जापान कैन हेल्प रीडिजाइन दिल्लीज अर्बन फ्यूचर (From Metro to Metropolis: How Japan Can Help Redesign Delhi’s Urban Future)’ विषय पर मुख्य भाषण देंगे. इसमें दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर और शहरी विकास में जापानी सहयोग को एक मॉडल के तौर पर पेश किया जाएगा.

इसके बाद हरियाणा के मुख्यमंत्री सैनी ‘स्मार्ट स्टेट्स: हरियाणा मॉडल फॉर ग्लोबल पार्टनरशिप (Smart States: Haryana Model for Global Partnership)’ विषय पर बोलेंगे. वहीं मंत्री जितिन प्रसाद ‘ट्रेड एंड कॉमर्स: CEPA—द न्यू फोकस सेक्टर्स ऑफ ग्रोथ’ विषय पर आर्थिक सहयोग के नए क्षेत्रों पर चर्चा करेंगे.

मनोहर पर्रिकर इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस (MP-IDSA) के महानिदेशक और जापान में भारत के पूर्व राजदूत सुजान आर. चिनॉय ‘बाइलेटरल बूस्ट: इंडिया-जापान इन एन अनसर्टेन वर्ल्ड ऑर्डर (Bilateral Boost: India-Japan in an Uncertain World Order )’ सत्र में रणनीतिक नजरिया पेश करेंगे.

कॉन्क्लेव का औद्योगिक फोकस ‘मेक इन इंडिया मीट्स मोनोजुकुरी: द विनिंग फॉर्मूला (Make in India Meets Monozukuri: The Winning Formula)’ सत्र होगा. इसमें भारत की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता और जापान की सटीक इंजीनियरिंग संस्कृति को साथ लाने पर चर्चा होगी. जापान चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, इंडिया के चेयरमैन ताकेशी सेओ इसके प्रमुख वक्ताओं में हैं.

इन्वेस्ट इंडिया की मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO निवृति राय ‘बिल्डिंग द नेक्स्ट टेक कॉरिडोर (Building the Next Tech Corridor)’ विषय पर टेक्नोलॉजी सेक्टर की संभावनाओं पर बात करेंगी. वहीं केंद्रीय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी ‘इंडियाज टैलेंट, जापान्स डिमांड: द स्ट्रैटेजिक मैच (Widening the Japan-India Investment Pipeline) ’ सत्र में मानव संसाधन और कौशल पर चर्चा करेंगी.

दो पैनल चर्चा सबसे अहम मानी जा रही हैं. ‘वाइडनिंग द जापान-इंडिया इन्वेस्टमेंट पाइपलाइन (Widening the Japan-India Investment Pipeline)’ सत्र में जापान में भारत की पूर्व राजदूत दीपा वाधवा, जापानी दूतावास के फुमियो यामाजाकी, जापान बैंक फॉर इंटरनेशनल कोऑपरेशन के तोरू एंडो और निप्पॉन एसेट मैनेजमेंट के संदीप सिक्का शामिल होंगे.

इसके बाद ‘कैन इंडिया बी जापान्स ग्लोबल प्रोडक्शन हब? (Can India Be Japan’s Global Production Hub?)’ विषय पर चर्चा होगी. इसमें हिताची, डाइकिन, मित्सुई और पैनासोनिक इंडिया के वरिष्ठ अधिकारी हिस्सा लेंगे. वे इस पर विचार रखेंगे कि क्या भारत सिर्फ बाजार नहीं बल्कि जापान के लिए वैश्विक उत्पादन केंद्र भी बन सकता है.

दोपहर के सत्र में चर्चा का दायरा और बढ़ेगा. हरियाणा के उद्योग और वाणिज्य सचिव डॉ अमित अग्रवाल अंतरराज्यीय और द्विपक्षीय भरोसा मजबूत करने पर बात करेंगे. इसके बाद केंद्रीय मंत्री रिजिजू ‘द नॉर्थईस्ट कॉरिडोर: लुकिंग एंड एक्टिंग ईस्ट (The Northeast Corridor: Looking and Acting East)’ विषय पर बोलेंगे. इसमें भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र को दक्षिण एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया और व्यापक इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के बीच रणनीतिक कड़ी के तौर पर पेश किया जाएगा.

इसके बाद कॉन्क्लेव में सांस्कृतिक और सामाजिक प्रभावों पर फोकस होगा. भारतीय उपभोक्ताओं को समझने पर आधारित ‘लाइफस्टाइल’ चर्चा में रेडिफ्यूजन के डॉ संदीप गोयल और यामाहा मोटर इंडिया ग्रुप के हाजिमे आओता शामिल होंगे.

जापानी दूतावास के नोरियाकी आबे ‘द न्यू इंडिया-जापान कल्चरल ब्रिज (The New India-Japan Cultural Bridge)’ विषय पर चर्चा करेंगे. दिन का आखिरी सत्र ‘द मंगा-एनिमे रेज’ होगा. इसमें कॉमिक कॉन इंडिया के संस्थापक जतिन वर्मा और कॉस्प्ले कलाकार बैशाखी दास शामिल होंगी. यह सत्र दोनों देशों के बीच युवाओं और पॉप-कल्चर के बढ़ते संबंधों को दिखाएगा.

इंडो-जापान कॉन्क्लेव का 2026 संस्करण लगातार मजबूत होती विरासत को आगे बढ़ा रहा है. 2022 में आयोजित पहले कॉन्क्लेव ने दोनों देशों के राजनयिक संबंधों के 70 साल पूरे होने का जश्न मनाया था. इसका उद्घाटन विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने किया था.

2023 में आयोजित ‘इंडिया-जापान@2030’ संस्करण का उद्घाटन उस समय के केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आर.के. सिंह ने किया था. इस साल का लक्ष्य और स्पष्ट है. सरकार, उद्योग और रणनीतिक क्षेत्रों में बातचीत को ठोस कार्रवाई में बदलना इसका उद्देश्य है.

भारत और जापान इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में आर्थिक स्थिरता और मजबूती के प्रमुख स्तंभ बनते जा रहे हैं. ऐसे में इंडिया टुडे ग्रुप का यह कॉन्क्लेव इस बात को उभारेगा कि एशिया की विकास यात्रा में यह साझेदारी कितनी केंद्रीय भूमिका निभा रही है.

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