दिल्ली में 'संसद मार्च' के दौरान हुए विवाद के एक दिन बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने प्रवक्ता विजेता दहिया को पद से हटा दिया है. पार्टी ने मंगलवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी बयान में दहिया के व्यवहार को 'असंवेदनशील' बताते हुए कहा कि यह आंदोलन के मूल्यों और सिद्धांतों के खिलाफ है. इसके साथ ही उन्हें प्रवक्ता पद समेत संगठन की सभी आधिकारिक जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है.
CJP ने अपने बयान में कहा कि जब शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी और पार्टी की टीम दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का सामना कर रही थी, उसी दौरान विजेता दहिया के बर्गर खाते वीडियो सामने आए. पार्टी के अनुसार, "ऐसा व्यवहार स्वीकार्य नहीं है. यह समझदारी की पूरी कमी को दर्शाता है और हमारे आंदोलन के मूल्यों तथा सिद्धांतों से पूरी तरह असंगत है."
क्या है पूरा विवाद?
20 जुलाई को CJP ने दिल्ली में 'संसद मार्च' का आयोजन किया था. प्रदर्शन के दौरान कई जगहों पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई. पुलिस ने भीड़ रोकने के लिए बैरिकेडिंग, लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया. इसी दौरान सोशल मीडिया पर विजेता दहिया के कुछ कथित वीडियो वायरल होने लगे.
इन वीडियोज में दहिया कथित तौर पर प्रदर्शन स्थल से दूर एक फास्ट फूड आउटलेट पर बर्गर खाते दिखाई दे रहे हैं. एक अन्य वायरल वीडियो में कुछ लोग उनसे यह सवाल करते नजर आते हैं कि जब प्रदर्शनकारी पुलिस कार्रवाई झेल रहे थे, तब वे वहां क्यों नहीं थे. हालांकि इन वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर CJP समर्थकों और अन्य यूजर्स ने दहिया की तीखी आलोचना की. कई लोगों ने सवाल उठाया कि पार्टी के प्रवक्ता होने के बावजूद वे आंदोलन के सबसे महत्वपूर्ण समय पर प्रदर्शन स्थल पर मौजूद क्यों नहीं थे.
विजेता दहिया की सफाई
विवाद बढ़ने पर विजेता दहिया ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो जारी कर अपनी सफाई दी. उन्होंने कहा कि उन्होंने मार्च में हिस्सा लिया था लेकिन उन्हें लगा कि कार्यक्रम समाप्त हो चुका है, इसलिए वे वहां से निकल गए. बर्गर खाते हुए बनाए गए वीडियो पर सफाई देते हुए दहिया ने कहा, मेरा बर्गर खाना सबसे बड़ा मुद्दा बना हुआ है. कोई भी बर्गर इसलिए खाता है क्योंकि उसे भूख लगी होती है.
दहिया ने यह भी कहा कि लोग यह नहीं देख रहे कि वे और आंदोलन में शामिल दूसरे लोग लगातार दो रातों से सोए नहीं थे. उनके अनुसार, प्रदर्शन में शामिल लोगों के त्याग को नजरअंदाज कर केवल बर्गर वाले वीडियो को मुद्दा बनाया जा रहा है.
विवाद पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं. शिवसेना (यूबीटी) की नेता और पूर्व सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या CJP के प्रवक्ता विजेता दहिया ने वास्तव में प्रदर्शन में हिस्सा लिया था. उन्होंने दहिया के आचरण पर भी सवाल खड़े किए.
कौन हैं विजेता दहिया?
विजेता दहिया को CJP ने इसी साल जून में अपने तीन प्रवक्ताओं में शामिल किया था. पार्टी ने उस समय उन्हें राजनीतिक शोध, रणनीतिक विश्लेषण, लेखन और फिल्म निर्माण का अनुभव रखने वाला चेहरा बताया था. CJP के अनुसार उन्होंने Power of Universe और To Hell With That Job नामक दो बेस्टसेलर पुस्तकें लिखी हैं तथा हरियाणवी फिल्मों दरारें और ओपरी पराई का लेखन और निर्देशन किया है. उन्होंने दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (DTU) से पढ़ाई की है.
दहिया पहले एक निजी कंपनी और बाद में विदेश मंत्रालय में भी काम कर चुके हैं. इसके बाद उन्होंने नौकरी छोड़ फिल्म निर्माण और कंटेंट लेखन का रास्ता चुना. एक यूट्यूब इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि वे यूट्यूबर ध्रुव राठी के लिए रिसर्च और स्क्रिप्टिंग का काम भी कर चुके हैं. उसी बातचीत में उन्होंने कहा था कि ध्रुव राठी की सलाह पर ही वे CJP से जुड़े थे.

