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धोखे से गर्भाशय निकलवाने का आरोप! उदित नारायण की पहली शादी के विवाद की पूरी कहानी

मशहूर गायक उदित नारायण की पहली पत्नी रंजना झा ने उन पर धोखे से गर्भाशय निकलवा लेने का गंभीर आरोप लगाया है. 20 साल से हक की लड़ाई लड़ रही रंजना अब अपनी बीमारी और बेघर होने के दर्द के साथ इंसाफ के लिए दर-दर भटक रही हैं

Udit Narayan and his first wife Ranjana Jha
उदित नारायण और रंजना की शादी 1984 में हुई थी
अपडेटेड 13 फ़रवरी , 2026

61 साल की रंजना नारायण झा आर्थराइटिस और दिल की बीमारी की वजह से अब परेशान रहती हैं. उनका ज्यादातर वक्त डॉक्टरों के पास जाने-आने और बीमारी से बचाव में गुजरता है. इसके अलावा वे सुपौल के जिला न्यायालय में विवाह पुनर्स्थापना के केस भी लड़ रही हैं. वे अकेली हैं और खुद को बेघर बताती हैं. कहती हैं, “पति ने साथ नहीं रखा. पिता से लिये पैसों और अपनी बचत से ससुराल नेपाल के भारदह में थोड़ी जमीन खरीदी भी थी, तो वह पति ने बहला-फुसला कर बेच दी. कहा कि और पैसे जोड़कर दिल्ली या पटना में फ्लैट खरीद देंगे, और पैसे खुद लेकर चले गए. यह 2019 की बात है. अब मैं अपने मायके सुपौल जिले के संस्कृत निर्मली गांव में अपने पिता के घर रहती हूं.”

रंजना कहती हैं, “मैं तो मिथिला की हूं. आप जानते ही हैं, हमारे यहां का क्या कल्चर है. मुझे पैसा-कौड़ी कुछ नहीं चाहिए. इस उम्र में पैसे लेकर क्या करूंगी? मैं तो बस इतना चाहती हूं कि वे या तो अपने साथ रखें, या मेरे बुढ़ापा काटने का सम्मानजनक इंतजाम कर दें.”

रंजना मशहूर बॉलीवुड गायक उदित नारायण की पहली पत्नी हैं. सात दिसंबर, 1984 को दोनों की शादी हुई थी. बकौल रंजना, तब उदित नारायण मुंबई में प्लेबैक सिंगर बनने के लिए संघर्ष कर रहे थे. मगर अगले ही साल उदित नारायण ने मुम्बई में दीपा से शादी कर ली, जिसका उन्हें एक अरसे तक पता नहीं चला था. बाद में मीडिया की खबरों से पता चला कि दीपा और उदित का एक पुत्र आदित्य नारायण है, जो एक्टर और सिंगर है.

2006 से पत्नी होने का हक पाने की लड़ाई लड़ रहीं रंजना पहले बिहार महिला आयोग की शरण में गईं, फिर सुपौल के जिला न्यायालय में विवाह पुनर्स्थापना का केस किया और अभी 10 फरवरी, 2026 को उन्होंने सुपौल के महिला थाना में आवेदन देकर उदित नारायण, दीपा नारायण और उनके दो भाईयों पर आरोप लगाया है कि इन लोगों ने 1996 में धोखे से उनका गर्भाशय निकलवा लिया. इसकी खबर उन्हें 2025 में एक डॉक्टरी जांच के दौरान हुई. महिला थाना ने अभी एफआईआर दर्ज नहीं किया है, पुलिस का कहना है कि वह मामले की जांच कर रही है.

अपने वकील करुणाकांत झा के साथ रंजना नारायण झा
अपने वकील करुणाकांत झा के साथ रंजना नारायण झा

इंडिया टुडे से बातचीत में रंजना कहती हैं, “उस वक्त मैं माहवारी संबंधी समस्याओं से जूझ रही थीं. तीन बार मेरा बच्चा खराब हो गया था. मैं परेशान थी. तब वे इलाज के लिए दिल्ली ले गये. वहां एक अस्पताल में इन्होंने मेरा ऑपरेशन कराया. किस चीज का ऑपरेशन हुआ, यह मुझे मालूम नहीं चला. उस वक्त अस्पताल में इनके साथ, इनके दो भाई तो थे ही, एक महिला भी थी, जिसके बारे में बाद में पता चला कि वही दीपा थी. मेरा गर्भाशय निकाल लिया गया है, इसकी खबर मुझे 2007 के आसपास मिली थी, मगर तब मैं निश्चिंत नहीं थी. मेरे पास पैसे नहीं थे जो ठीक से जांच कराती. पिछले साल जब एक डॉक्टरी जांच में अल्ट्रासाउंड हुआ, तब पुख्ता प्रमाण मिला कि मेरा गर्भाशय निकाल लिया गया है. तब मेरे समझ में आया कि ऐसा इसलिए कराया गया था कि मेरी कोई संतान न हो.”

उदित नारायण की शादी का यह विवाद 2006 में पहली बार सामने आया, जब वे किसी संगीत कार्यक्रम में भाग लेने पटना आये थे. तब पटना में रंजना झा मीडिया के साथ उदित के होटल पहुंचीं और बताया कि मैं इनकी पहली पत्नी हूं. हालांकि उस वक्त उदित ने रंजना को पहचानने से इनकार कर दिया था. उसी साल रंजना ने बिहार महिला आयोग की शरण ली. महिला आयोग में जब रंजना ने विवाह से संबंधित सबूत पेश किए, तो उदित ने स्वीकार किया कि वे इनकी पत्नी हैं. वहां दो समझौते हुए. 2006 में हुए पहले समझौते में उदित ने कहा कि वे रंजना को पत्नी का सम्मान देंगे और उनकी देखभाल करेंगे. मगर जब उदित उस समझौते को पूरा नहीं कर पाये तो रंजना ने फिर अपील की और तब एक और समझौता हुआ. 12 मई 2009 को हुए दूसरे समझौते में उदित ने रंजना झा को प्रति माह 40 हजार रुपये का मेंटेनेंस और पटना के पॉश इलाके में एक हजार स्क्वायर फुट का एक फ्लैट देने का वादा किया और समझौते के 120 दिन के अंदर इसे पूरा करने की शर्त स्वीकार की.

उन समझौतों में रंजना ने भी यह स्वीकार किया था कि वे जानती हैं कि उदित की दूसरी शादी दीपा नारायण से हुई है और उनके एक पुत्र भी हैं. जब तक वे इस समझौते को लागू रखेंगे तब तक वे वैवाहिक मामले को लेकर अदालत नहीं जायेंगी. इस समझौते के बाद थोड़ी शांति हुई. रंजना अपने ससुराल नेपाल के भारदह में रहने लगीं. वहां अपने पिता की मदद और अपनी बचत के पैसों से इन्होंने लगभग एक बीघा जमीन खरीदी. रंजना कहती हैं, “2019 में वे (उदित नारायण) घर आये. वे मेरे मायके भी गये और वहां वे एक हफ्ता रहे. उन्होंने वहां मेरे घरवालों को भरोसा दिलाया कि वे अब सबकुछ ठीक कर देंगे, पुरानी बातों को भूल जाना चाहिए. उन्होंने मुझसे भी अच्छी-अच्छी बातें कीं. कहा, इस उमर में अकेले कैसे नेपाल में रहोगी. यह जमीन बेचकर कुछ और पैसे लगाकर तुम्हें दिल्ली या पटना में अच्छा फ्लैट खरीद देते हैं. मैं भी मान गई. उन्होंने 19 लाख में वह जमीन बेच दी और वापस चले गये. फिर न लौटकर आये, न फ्लैट खरीदा.”

इस नये धोखे से परेशान रंजना 2022 में सुपौल जिला न्यायालय पहुंचीं. वहां उन्होंने विवाह पुनर्स्थापना का मुकदमा कर दिया. उदित नारायण ने पहले इस मुकदमे पर ध्यान नहीं दिया, वे पेशियों पर आते नहीं थे. आखिरकार जब जज ने उन्हें पेशी का आखिरी मौका दिया तो फरवरी, 2025 में वे सुपौल जज के सामने हाजिर हुए. गैरहाजिरी के लिए जज ने उन पर दस रुपये का जुर्माना भी लगाया. तब से वे अपने वकील के जरिये अदालत की तारीखों में हाजिर होते हैं.

इस पूरे मसले पर जब हमने उनका पक्ष जानने के लिए उदित नारायण के मोबाइल पर फोन किया तो जिस व्यक्ति ने फोन उठाया, उन्होंने परिचय और विषय पूछने के बाद कहा कि वे 'चौधरी' बोल रहे हैं और उदित नारायण इस वक्त देश में नहीं हैं, इसलिए बात करना संभव नहीं है. इतना कहकर उन्होंने फोन काट दिया. इसके बाद इंडिया टुडे ने कई बार उस नंबर पर फोन किया, ताकि उदित नारायण का पक्ष मिल जाये, मगर फोन उठना बंद हो गया. फिर उन्हें मैसेज के जरिए सवाल भेज दिए गए.

बहरहाल पिछले साल उदित नारायण जब सुपौल आये थे तो मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा था कि 2013 में ही महिला आयोग में पूरा मामला सुलझ चुका था. उस वक्त उन्होंने पहले 15 हजार और 2021 से 25 हजार रुपये प्रति माह रंजना को देना शुरू कर दिया था. उन्होंने एक करोड़ रुपये का एक फ्लैट, एक जमीन (जिसका 6 हजार किराया रंजना को जाता है) और 25 लाख के गहने देने का दावा भी किया. इंडिया टुडे ने जब इन तथ्यों को रंजना के सामने रखा तो उन्होंने कहा, “समझौता 40 हजार रुपये प्रति माह का हुआ था. मगर उन्होंने कभी पांच तो कभी दस हजार रुपये भेजे, वह भी अनियमित. उन्होंने कोई फ्लैट नहीं दिया है, अगर दिया हो तो कागज दिखायें. वे सरासर झूठ बोल रहे हैं. यहां उनकी असलियत कोई जानता नहीं है, लोग उनके असर में आ जाते हैं.”

इन आरोपों पर रुआंसा होकर रंजना कहती हैं, “वैसे भी मेरी लड़ाई पैसों के लिए नहीं है, अपने वैवाहिक सम्मान और पत्नी के हक के लिए है. क्या मेरा समय लौटा सकते हैं, जो मैंने उनके बिना अकेले गुजारे? तीन बार मेरा बच्चा खराब हो गया, उसके बाद गर्भाशय निकलवा दिया. क्या वे यह सब लौटा सकते हैं? मैं भी स्त्री हूं, मेरे भी तो अरमान होंगे. मेरा पति उदित नारायण जैसा गायक है, उन अरमानों का क्या?” महिला अधिकारों के लिए काम करने वाली मीना तिवारी कहती हैं, “रंजना झा ने गर्भाशय निकलवाने के जो आरोप लगाये हैं, वे काफी गंभीर हैं. प्रशासन और अदालत को इन्हें गंभीरता से देखना चाहिए. पुरुष जब सफल हो जाता है तो अपनी विवाहिता की उपेक्षा करने लगता है. बिना तलाक दूसरी शादी करना अपराध है और इसकी सजा मिलनी चाहिए.”

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