scorecardresearch

अपनी प्राइवेट आर्मी रखने वाला माफिया एल मेंचो आखिर कैसे बना था इतना ताकतवर?

मैक्सिको के सबसे खूंखार ड्रग माफ़िया एल मेंचो को मैक्सिकन सेना ने आखिरकार मार गिराया लेकिन इसके बाद उसकी प्राइवेट आर्मी जगह-जगह गोलाबारी और आगजनी कर रही है

एल मेंचो (बीच में) के लोग मैक्सिको में कई जगह हमला कर रहे हैं और राष्ट्रीय सेना इनसे निपट रही है
अपडेटेड 23 फ़रवरी , 2026

दुनिया का सबसे खूंखार ड्रग्स माफ़िया ‘एल मेंचो’ मारा गया है. मैक्सिको के इस माफ़िया का पूरा नाम नेमेसियो रुबन ओसेगुएरा सर्वेंटेस था, लेकिन दुनिया भर में ये एल मेंचो के नाम से ही कुख्यात था. अमेरिका और मैक्सिको दोनों की नाम का नासूर बन चुके एल मेंचो को मैक्सिकन सेना की स्पेशल यूनिट ने 22 फरवरी की रात मार गिराया.

इस मुठभेड़ में माफ़िया के 7 और लोग भी मारे गए हैं. जलिस्को, मिचोआकान और गुआनाजुआतो में कम से कम 14 अन्य लोगों की मौत की खबर है, जिनमें सात नेशनल गार्ड जवान शामिल हैं. हालांकि, मैक्सिको के रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि सेना से मुठभेड़ में एल मेंचो घायल हुआ था, और हेलिकॉप्टर से अस्पताल ले जाते हुए रास्ते में उसने दम तोड़ा.

मेंचो के मारे जाने की ख़बर के साथ ही मैक्सिको में दहशत भी फैलती चली गई. क्योंकि मेंचो कोई आम माफ़िया नहीं था और ना ही यह कोई आम कार्रवाई थी. आज 23 फरवरी की भोर से ही मैक्सिको के जलिस्को में CJNG (जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल) और कार्टेल के लोगों ने जो तबाही फैलानी शुरू की उसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पूरी मैक्सिकन सरकार घुटनों पर आ गई.

CJNG मेंचो कार्टेल का वह संगठन है जिसे सेना की तरह ही अपनी प्राइवेट आर्मी के तौर पर मेंचो ने बनाया था. इस संगठन के पास किसी भी तरह से मैक्सिकन सेना से कम संसाधन नहीं हैं. अत्याधुनिक हथियार, आला दर्जे की ट्रेनिंग और ऑफिशियल आर्मी पर भारी पड़ने भर लड़ाके.

इन्हीं के दम पर मेंचो मैक्सिको की सरकार के बराबर ही अपनी खुद की सरकार चलाता था. अमेरिका ने मेंचो पर डेढ़ करोड़ डॉलर का इनाम रखा था. एक समय मेंचो का मारा जाना तो दूर, पकड़ा जाना भी असंभव टास्क था. इस खूंखार माफ़िया ने खुद को लॉर्ड घोषित किया हुआ था. इसके कारनामे भी इसकी मुनादी को पुख्ता करते थे.

आखिर कौन था ‘एल मेंचो’ 

ओसेगुएरा का जन्म 1966 में मेक्सिको में एक गरीब घर में हुआ था. पिता पेशे से किसान थे. मेंचो उस परिवेश में बड़ा हुआ था जहां पैसों पर पूरा ज़ोर होता है, उसे कमाने के तरीकों पर नहीं. छोटी उम्र में ही मेंचो अमेरिका के कैलिफोर्निया चला गया था. वहां उस पर दो बार ड्रग ट्रैफिकिंग का आरोप लगा. दूसरी गिरफ्तारी के बाद वह मैक्सिको लौट आया. कहा जाता है कि मैक्सिको में मेंचो ने कुछ समय तक पुलिस विभाग में भी अपनी सेवाएं दीं.
इसी दौरान ओसेगुएरा ने 1996 में रोसालिंडा गोंजालेज वालेंसिया से शादी की थी, जो एक ताकतवर गैंग लीडर अरमांडो वालेंसिया की भतीजी थी. बस यहीं से ओसेगुएरा उर्फ़ मेंचो की जिंदगी में वह मोड़ आया जिसके बाद उसने कभी पीछे पलटकर नहीं देखा. ओसेगुएरा ने मैक्सिको के ताकतवर सिनालोआ कार्टेल के साथ मिलकर काम किया. साल 2009 वह सिनालोआ से अलग हो गया.

इसके बाद मेंचो ने जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) नाम से अपना अलग गैंग बनाया. मेंचो का मानना था कि ताकत ऐसी होनी चाहिए जिसके आगे सेना भी लाचार साबित हो. इसी वजह से उसने अपने कार्टेल को ऐसा जामा पहनाया जिससे वह अपने काले कारनामों को जनता की सेवा के तौर पर साबित करता रहा. और जनता की सेवा के लिए जो ताकत चाहिए थी वह उसकी प्राइवेट आर्मी थी. यही कार्टेल आगे चलकर मैक्सिको के सबसे बड़े ड्रग ट्रैफिकिंग ऑर्गनाइजेशन में से एक बन गया. गैंग की कई राज्यों में आपराधिक गतिविधियां फैली थीं. साथ ही कोकेन, मेथामफेटामाइन और हाल के सालों में फेंटानिल जैसे सिंथेटिक ड्रग्स की स्मग्लिंग भी यह गैंग करता था. इसे अमेरिका समेत दूसरे देशों में भेजा जाता था.

और माफियाओं से क्यों अलग था मेंचो?

अपने हमपेशवर लोगों के मुकाबले मेंचो एक मामले में काफी आगे था. उसे सोशल मीडिया की ताकत समझ आ चुकी थी. नैरेशन बिल्डिंग का हुनर उसने बहुत पहले साध लिया था. इसे ऐसे समझ सकते हैं कि अमेरिका ने मेंचो की सूचना देने पर दस लाख डॉलर की भारी-भरकम रकम घोषित की तो इससे भी उसे कोई खतरा महसूस नहीं हुआ.

दरअसल उसके कार्टेल ने यह बात बहुत तसल्ली से जनता के दिमाग़ में बिठा दी थी कि मुखबिरी की सजा भयानक मौत है. दुश्मनों को जिंदा जलाते हुए वीडियो बनाकर मेंचो उसे सोशल मीडिया पर डलवाता. किसी ने गैंग से चोरी की तो उसे जिंदा बीच समंदर लोहे की मोटी जंजीरों से बांधकर खतरनाक मछलियों के बीच चारे की तरह डाल दिया जाता. गाहे-बगाहे आते ऐसे वीडियो मेंचो का डर बनाए रखते थे. 

जैसे-जैसे गैंग आगे बढ़ा, उसने मैक्सिको के सिक्योरिटी फोर्सेस पर खुलेआम हमले करने शुरू कर दिए. देश भर में लोगों को डराने के लिए भी गैंग बदनाम हो गया. US के डिप्टी सेक्रेटरी ऑफ स्टेट क्रिस्टोफर लैंडौ ने ओसेगुएरा के मरने पर ख़ुशी जताई है. उन्होंने उसे सबसे खूनी और बेरहम ड्रग किंगपिन में से एक बताया है.

कब थमेगा ये बवाल ?

मेक्सिको में दहशत का आलम यह है कि एयरपोर्ट्स पर फ्लाइट्स ठप पड़ गई हैं. नेशनल हाइवे अब कार्टेल के कब्जे में हैं और पब्लिक ट्रांसपोर्ट भी सरकार ने बंद कर दिया है. चारों तरफ बेलगाम गोलीबारी और आगजनी जारी है. बसें और ट्रेन तो जला ही रहे हैं, कार्टेल के लोग भीतर घुसकर खड़े हवाई जहाज़ों में भी आग लगा दे रहे हैं. भारत समेत तमाम देशों ने मैक्सिको में रह रहे अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा मानक जारी किए हैं. सभी ने अपने नागरिकों से अपील की है कि हालात स्थिर होने तक घर में रहें.

भारत ने अपने नागरिकों के लिए भारतीय दूतावास का इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर Helpline Maxico (Embassy of India) जारी किया है जो +52 55 4847 7539 है.

Advertisement
Advertisement