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सिर्फ तीन महीने के भीतर तुकाराम मुंढे ने कैसे बदला महाराष्ट्र का फूड सेफ्टी पर रवैया?

12 हजार से ज्यादा जांच, 5,200 सुधार नोटिस और 600 से अधिक लाइसेंस निलंबित. तीन महीने में तुकाराम मुंढे की सख्ती ने महाराष्ट्र में फूड सेफ्टी को लेकर कार्रवाई और जवाबदेही पर जोर बढ़ाया

तुकाराम मुंढे ने मई के आखिर में महाराष्ट्र FDA का कार्यभार संभाला था (फाइल फोटो)
अपडेटेड 22 सितंबर , 2026

12,000 से ज्यादा इंस्पेक्शन, 5,200 सुधार नोटिस, 600 से ज्यादा लाइसेंस निलंबित, 875 लोगों की गिरफ्तारी और 67.2 करोड़ रुपए के खाद्य स्टॉक की जब्ती. 

महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के आयुक्त तुकाराम मुंढे की नियमों का उल्लंघन करने वाले खाद्य कारोबारियों के खिलाफ पिछले तीन महीनों से जारी कार्रवाई ने इस क्षेत्र में हलचल मचा दी है.

FDA के आंकड़ों के मुताबिक, जून से अगस्त के अंत तक राज्य में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने 1,803 होटल, रेस्तरां और क्लबों का इंस्पेक्शन किया. इनमें से 948 को सुधार नोटिस जारी किए गए और 199 के लाइसेंस निलंबित किए गए. 

दूध और डेयरी उत्पादों के क्षेत्र में 9,485 इंस्पेक्शन किए गए. इस दौरान 4,321 सुधार नोटिस जारी हुए, 2,766 नमूनों की जांच की गई, 5.4 करोड़ रुपए का स्टॉक जब्त किया गया और 404 लाइसेंस निलंबित किए गए.

FDA ने पान मसाला और गुटखा जैसे प्रतिबंधित पदार्थों का 19.62 करोड़ रुपए का स्टॉक भी जब्त किया. इसके अलावा 644 एफआईआर दर्ज की गईं और 867 लोगों को गिरफ्तार किया गया. अन्य खाद्य उत्पादों, जैसे खाद्य तेल, आम, मिठाई, खोया, बेकरी उत्पाद, कैंडी, गुड़, घी, खजूर, आइसक्रीम, कुल्फी, फ्रोजन डेजर्ट, मसाले, सुपारी और ताड़ी का 42.17 करोड़ रुपए का स्टॉक 696 छापों में जब्त किया गया.

2025-26 में FDA को सिर्फ 1,453 शिकायतें मिली थीं. इसके मुकाबले इस साल 1 जून से 31 अगस्त के बीच उसके पोर्टल और टोल-फ्री हेल्पलाइन के जरिए 9,764 शिकायतें मिलीं. पिछले वित्त वर्ष में मिली 1,453 शिकायतों में से 1,317 का निपटारा कर दिया गया था. वहीं, इस साल जून से अगस्त के अंत तक मिली 9,764 शिकायतों में से 6,109 का निपटारा किया गया जबकि 3,655 शिकायतें लंबित थीं.

महाराष्ट्र FDA ने सबसे ज्यादा लाइसेंस पुणे में निलंबित किए हैं (सांकेतिक तस्वीर)
महाराष्ट्र FDA ने सबसे ज्यादा लाइसेंस पुणे में निलंबित किए हैं (सांकेतिक तस्वीर)

अधिकारियों ने बताया कि इंस्पेक्शन के दौरान खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के बड़े पैमाने पर उल्लंघन सामने आए. इनमें साफ पानी और जल निकासी की सुविधा का अभाव, कोल्ड-चेन में गंभीर खामियां और रेफ्रिजरेटर का तापमान सही न होना, बड़ी संख्या में कॉकरोच का होना, खाद्य पदार्थ संभालने वाले कर्मचारियों की अस्वच्छ आदतें, कर्मचारियों की मेडिकल जांच और ट्रेनिंग में कमी, परिसर की खराब और अस्वच्छ स्थिति तथा कच्चे चिकन को खुले कंटेनरों में रखने और कटी हुई सब्जियों को बिना ढके रखने जैसी गंभीर मिलावट वाली स्थितियां शामिल थीं.

जिन प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए, उनमें मुंबई के कोलाबा स्थित कैफे मोंडेगर, नूर मोहम्मदी, अयूब्स, पूर्णिमा, के रुस्तम एंड कंपनी आइसक्रीम और पारसी डेयरी फार्म शामिल हैं. 

अमीर और रसूखदार लोगों के बीच लोकप्रिय क्लबों, जैसे क्रिकेट क्लब ऑफ इंडिया और मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन, के खिलाफ भी कार्रवाई हुई. डोमिनोज पिज्जा और पिज्जा हट जैसे लोकप्रिय ब्रांड भी इसकी जद में आए. इनमें से कई खाद्य कारोबारियों ने जरूरी नियमों का पालन सुनिश्चित करने के बाद दोबारा काम शुरू कर दिया है.

2005 बैच के आईएएस अधिकारी मुंढे की निगरानी में FDA ने पान मसाला ब्रांड के कथित सरोगेट विज्ञापन के मामले में अभिनेता शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को भी नोटिस जारी किए हैं. FDA ने स्कूल कैंटीन और स्कूलों के 50 मीटर के दायरे में जंक फूड की बिक्री पर भी रोक लगा दी है.

FDA ने एनालॉग पनीर की बिक्री पर भी रोक लगाई. मुंढे की कार्रवाई मुंबई में राज्य प्रशासन के मुख्यालय मंत्रालय की कैंटीन से लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट की कैंटीन तक पहुंची. हाई कोर्ट ने सवाल किया था कि क्या FDA ने सरकारी और अर्ध-सरकारी संस्थानों की कैंटीन का इंस्पेक्शन किया है. 

इसके बाद FDA के अधिकारियों ने हाई कोर्ट की कैंटीन का इंस्पेक्शन किया. हाई कोर्ट परिसर की तीन कैंटीन में से एक बिना फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के लाइसेंस के चलती मिली. उसे काम बंद करने को कहा गया, जबकि बाकी दो कैंटीन को सुधार नोटिस जारी किए गए.

इंस्पेक्शन के मामले में पुणे क्षेत्र सबसे आगे रहा. यहां 4,261 इंस्पेक्शन किए गए और 1,321 सुधार नोटिस जारी हुए. इसके बाद कोंकण में 3,142 इंस्पेक्शन और 975 नोटिस, जबकि मुंबई में 1,451 इंस्पेक्शन और 972 नोटिस जारी किए गए. 

सबसे ज्यादा 168 लाइसेंस पुणे में निलंबित किए गए. इसके बाद मुंबई में 121 और कोंकण में 108 लाइसेंस निलंबित हुए. स्टॉक जब्ती के मामले में अन्य खाद्य उत्पाद 42.17 करोड़ रुपए के साथ सबसे ऊपर रहे. इसके बाद गुटखा जैसे प्रतिबंधित पदार्थों का 19.62 करोड़ रुपए और दूध व डेयरी उत्पादों का 5.4 करोड़ रुपए का स्टॉक जब्त किया गया.

मुंढे ने एक बयान में कहा, "हम सिर्फ खाद्य प्रतिष्ठानों का इंस्पेक्शन नहीं कर रहे हैं बल्कि जवाबदेही की ऐसी संस्कृति बना रहे हैं जो किसी एक अभियान के खत्म होने के बाद भी बनी रहे. सार्वजनिक स्वास्थ्य से कोई समझौता नहीं किया जा सकता और महाराष्ट्र का FDA यह सुनिश्चित करेगा कि ऐसा ही रहे."

FDA के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि मई के अंत में मुंढे के कार्यभार संभालने के बाद शुरू हुई बड़े पैमाने की कार्रवाई और इससे बढ़ी जन-जागरूकता के कारण शिकायतों की संख्या बढ़ी है. लेकिन इन शिकायतों पर कार्रवाई करने के लिए विभाग के पास पर्याप्त कर्मचारी नहीं हैं. अधिकारी ने यह भी बताया कि किसी प्रतिष्ठान का इंस्पेक्शन करने और खाद्य पदार्थों के नमूने लेने में करीब तीन से चार घंटे लग सकते हैं.

अधिकारी बताते हैं, "सिर्फ मुंबई में हमें रोज करीब 50 शिकायतें मिल रही हैं, जिनमें से करीब 20 पर ही कार्रवाई की जा सकती है." उन्होंने कहा कि इनमें से कुछ शिकायतें बेबुनियाद भी हो सकती हैं और निजी विवादों का हिसाब चुकता करने के लिए की गई हों.

महाराष्ट्र में करीब 12.5 लाख पंजीकृत खाद्य कारोबारियों के लाइसेंस हैं, लेकिन FDA के पास इनकी निगरानी के लिए सिर्फ करीब 350 खाद्य सुरक्षा अधिकारी हैं. मुंबई में करीब 1 लाख लाइसेंसधारी खाद्य कारोबारी हैं और उनके लिए FDA के पास सिर्फ 45 अधिकारी हैं. हालांकि, यह संख्या पिछले साल के सिर्फ पांच अधिकारियों के मुकाबले काफी ज्यादा है. FDA ने 700 और खाद्य सुरक्षा निरीक्षकों की भर्ती का प्रस्ताव दिया है.

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