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शुभेंदु अधिकारी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस का अपमान करने वालों को क्यों दी चेतावनी?

BJP सांसद अनंत महाराज की नेताजी पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद विवाद बढ़ा. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पुलिस को ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए और कहा कि कानून सभी पर समान रूप से लागू होगा

Suvendu Adhikari
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी (फाइल फोटो)
अपडेटेड 14 अगस्त , 2026

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 12 अगस्त को पुलिस को निर्देश दिया कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों के खिलाफ गिरफ्तारी समेत सख्त कार्रवाई की जाए. उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले में सांसदों, विधायकों, राजनीतिक नेताओं और सरकारी अधिकारियों पर कानून समान रूप से लागू होगा.

शुभेंदु अधिकारी का यह निर्देश BJP के राज्यसभा सांसद नागेंद्रनाथ राय, जिन्हें अनंत महाराज के नाम से जाना जाता है, की टिप्पणियों को लेकर उठे राजनीतिक विवाद के बीच आया है. उन पर आरोप है कि उन्होंने नेताजी को ‘युद्ध अपराधी’ बताया और आजादी की लड़ाई में उनके नेतृत्व और आजाद हिंद फौज की भूमिका पर सवाल उठाए.

शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि सरकार नेताजी की छवि खराब करने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं करेगी. इसमें सोशल मीडिया पोस्ट भी शामिल हैं. उन्होंने कहा, "मैंने पुलिस से सोशल मीडिया पर नेताजी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा है. पुलिस को इसके पीछे के लोगों को गिरफ्तार करने का निर्देश दिया गया है."

मुख्यमंत्री से खास तौर पर पूछा गया कि क्या अनंत महाराज के खिलाफ भी कार्रवाई होगी. उनका नाम लिए बिना अधिकारी ने कहा कि राजनीतिक पद किसी को कानून से बचाव नहीं करेगा. उन्होंने कहा, "मैं किसी का नाम नहीं लूंगा, लेकिन कानून विधायकों, सांसदों, किसी भी पार्टी के नेताओं, सरकारी अधिकारियों या पुलिस अधिकारियों के लिए समान है."

BJP सांसद अनंत महाराज की सुभाष चंद्र बोस पर एक आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद इस मामले ने तूल पकड़ा था
BJP सांसद अनंत महाराज की सुभाष चंद्र बोस पर एक आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद इस मामले ने तूल पकड़ा था

अधिकारी ने सोशल मीडिया पर नेताजी के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री पोस्ट करने वालों से उसे हटाने और माफी मांगने को भी कहा. हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि पोस्ट हटा लेने से मामला जरूरी नहीं कि खत्म हो जाए. उन्होंने कहा, "पुलिस स्वतंत्र रूप से अंतिम फैसला करेगी."

यह विवाद अनंत महाराज की टिप्पणियों से आगे भी बढ़ गया है. सोशल मीडिया पर नेताजी की कई कथित आपत्तिजनक पोस्ट और छेड़छाड़ की गई तस्वीरें भी प्रसारित हो रही हैं. कथित तौर पर दो फेसबुक यूजर्स के खिलाफ नेताजी की छेड़छाड़ की गई तस्वीरें और आपत्तिजनक टिप्पणियां पोस्ट करने को लेकर शिकायत दर्ज की गई है.

अधिकारी ने कहा कि पुलिस भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत कार्रवाई करेगी. उन्होंने इस आरोप को खारिज किया कि वह चुनिंदा लोगों को निशाना बना रहे हैं. BJP के ही कुछ सदस्यों पर नेताजी का अपमान करने के आरोपों पर टिप्पणी करने से उन्होंने इनकार किया. उन्होंने फिर कहा, "मैं किसी का नाम लेकर उसे मशहूर नहीं करना चाहता लेकिन कानून सभी के लिए समान है."

अधिकारी की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब उनकी सरकार ने पूरे पश्चिम बंगाल में सार्वजनिक सेवा से जुड़ी एक बड़ी पहल के केंद्र में नेताजी को रखा है. उन्होंने विधानसभा में घोषणा की है कि विधायकों को अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर सार्वजनिक सेवा केंद्र खोलने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा.

प्रस्तावित योजना के तहत हर पात्र केंद्र को कुछ शर्तों के साथ सरकार की ओर से हर महीने 30,000 रुपए दिए जाएंगे. इन केंद्रों का नाम 'नेताजी सुभाष चंद्र बोस सेवा केंद्र' रखना होगा और वहां पारंपरिक धोती-पंजाबी पहने नेताजी का चित्र लगाना होगा. ये चित्र राज्य के सूचना और सांस्कृतिक मामलों का विभाग उपलब्ध कराएगा.

शुभेंदु अधिकारी की सरकार हर विधानसभा क्षेत्र में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर एक सेवा केंद्र खोलने की तैयारी कर रही है
शुभेंदु अधिकारी की सरकार हर विधानसभा क्षेत्र में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के नाम पर एक सेवा केंद्र खोलने की तैयारी कर रही है

शुभेंदु अधिकारी के मुताबिक ऐसे 100 से ज्यादा केंद्र पहले ही खोले जा चुके हैं. उन्होंने कहा कि विधायकों के पास ऐसे समर्पित कार्यालय होने चाहिए, जहां से वे अपने क्षेत्र के लोगों को सेवाएं दे सकें. मुख्यमंत्री ने आगे यह भी कहा, "हर विधानसभा क्षेत्र में विधायक द्वारा चलाया जाने वाला एक सेवा केंद्र होना चाहिए. इन केंद्रों के जरिए वे लोगों को सेवाएं देंगे. सभी को सेवाएं मिलेंगी, चाहे उन्होंने उन्हें वोट दिया हो या नहीं."

शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता अगले विधानसभा सत्र में हर महीने मिलने वाली इस सहायता के लिए कानूनी ढांचा तैयार करने वाला विधेयक पेश करेंगे. इसके तहत अगस्त से राशि जारी किए जाने की उम्मीद है.

ये घोषणाएं भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के साथ भी जुड़ी हैं और सार्वजनिक तथा राजनीतिक संदेशों में नेताजी की विरासत को प्रमुखता देने की BJP सरकार की कोशिश को दिखाती हैं. अधिकारी ने 2022 में नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा नेताजी की प्रतिमा स्थापित किए जाने का भी जिक्र किया.

उन्होंने कहा, "हमारे मन में इस राष्ट्रीय नेता के लिए बहुत सम्मान है और आपने देखा है कि हमारे प्रधानमंत्री ने कर्तव्य पथ पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा स्थापित की है. आज हमने हर विधानसभा क्षेत्र में नेताजी सुभाष सेवा केंद्र स्थापित करने की घोषणा की है और राज्य सरकार इसके लिए आर्थिक मदद देगी."

हालांकि जिस दिन मुख्यमंत्री ने नेताजी को बदनाम करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी, उसी दिन BJP को झटका देने वाला जुलाई का एक मामला सामने आया. यह मामला रामपुरहाट का है. स्थानीय BJP विधायक ध्रुब साहा ने कथित तौर पर पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर एक ऐसी सड़क का नाम बदल दिया, जिसके बारे में कहा जाता है कि वह नेताजी के नाम पर थी. 

सड़क का नाम BJP विचारक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर कर दिया गया. सड़क पर भगवा रंग के बोर्ड लगाए गए जिन पर मुखर्जी का नाम लिखा था. हालांकि साहा ने कहा है कि किसी रिकॉर्ड में यह नहीं मिलता कि सड़क का नाम कभी नेताजी के नाम पर था. उन्होंने कहा कि अगर कोई गलती हुई है तो वे उसे सुधारने के लिए तैयार हैं.

इस बीच, मुख्यमंत्री ने पूर्व विधायकों के मासिक चिकित्सा भत्ते को 6,000 रुपए से बढ़ाकर 10,000 रुपए करने की भी घोषणा की. यह बढ़ोतरी अगस्त से लागू होगी. उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी है कि अपना कार्यकाल पूरा कर चुके और राज्य की सेवा कर चुके विधायकों का ध्यान रखे. उन्होंने यह भी कहा कि पूर्व विधायकों के सेवानिवृत्ति भत्ते को बढ़ाने पर वह वित्त मंत्री से चर्चा करेंगे.

शुभेंदु अधिकारी ने असम में बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 करोड़ रुपए देने का भी प्रस्ताव रखा. उन्होंने कहा, "असम की स्थिति भयावह है. असम के साथ हमारा विशेष आध्यात्मिक संबंध है. हम 10 करोड़ रुपए की आर्थिक मदद देंगे."

सुरक्षा से जुड़े एक मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बंगाल में संदिग्ध आतंकियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई तेज हुई है. उन्होंने कहा कि संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए केंद्रीय और राज्य की एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं. 

शुभेंदु अधिकारी ने बताया, "आतंकवादी भारत में प्रवेश करने के लिए बंगाल को सुरक्षित रास्ते के तौर पर इस्तेमाल करते थे. अब हमारी पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर रही है. केंद्रीय और राज्य की एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं और इसी वजह से ऐसी गतिविधियां सामने आ रही हैं."

हालांकि उस दिन का सबसे ज्यादा राजनीतिक असर वाला मुद्दा नेताजी का विवाद ही रहा. शुभेंदु अधिकारी ने राजनीतिक जुड़ाव और जवाबदेही के बीच साफ अंतर खींचने की कोशिश की. कानून सभी पर समान रूप से लागू होने की उनकी बार-बार कही गई बात से राज्य पुलिस पर भी यह दबाव बढ़ गया है कि वह दिखाए कि मुख्यमंत्री का निर्देश सिर्फ सोशल मीडिया यूजर्स और राजनीतिक विरोधियों तक सीमित नहीं है, बल्कि सत्तारूढ़ खेमे के सदस्यों पर भी लागू होगा.

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