Gen Z आज हर जगह चर्चा में है, चाहे राजनीति के ट्रेंड हों, फैशन हो या सोशल मीडिया. हर पार्टी इस वर्ग को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है. BJP शासित मध्य प्रदेश में भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है.
यहां भोपाल में एक मंत्री के हर साल होने वाले रक्षाबंधन समारोह में इस बार बड़ा बदलाव दिखा. Gen Z की प्रमुख भागीदारी रही.
सहकारिता और खेल एवं युवा कल्याण विभाग संभालने वाले विश्वास सारंग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में 1,89,159 महिलाओं और लड़कियों ने हिस्सा लिया. यह संख्या पिछले साल के 1,84,632 से ज्यादा रही. इसकी वजह Gen Z के ज्यादा सदस्यों को कार्यक्रम से जोड़ना था.
54 वर्षीय सारंग 2008 से नरेला से विधायक हैं. वे पिछले दो दशक से राखी समारोह आयोजित कर रहे हैं.
उनके सालाना जनसंपर्क कार्यक्रम के तौर पर होने वाले इस बड़े राखी समारोह की तैयारियां त्योहार से करीब एक महीने पहले शुरू हो जाती हैं. महिलाओं को समारोह के लिए रजिस्टर करने के लिए घर-घर जाकर अभियान चलाया जाता है. उन्हें तारीख और जगह की जानकारी दी जाती है. नरेला विधानसभा क्षेत्र में अलग-अलग जगहों पर राखी बांधने का कार्यक्रम एक हफ्ते से 10 दिन तक चलता है.
इस साल रजिस्ट्रेशन में कक्षा 9 से 12 तक की छात्राओं को भी शामिल किया गया. इससे प्रतिभागियों की संख्या बढ़ गई. कुछ परिवारों में मां और बेटी, दोनों का रजिस्ट्रेशन किया गया.
कार्यक्रम 9 सितंबर को खत्म हुआ. इसके बाद आयोजकों के विश्लेषण में सामने आया कि मंत्री को राखी बांधने वाली करीब 20 फीसदी महिलाएं और लड़कियां Gen Z की थीं. पिछले साल मंत्री की 'राखी बहनों' में इस वर्ग की हिस्सेदारी सिर्फ 5 फीसदी थी.
सारंग ने अपनी इस पहल के बारे में कहा, "मेरा प्रयास Gen Z को ऐसे सामाजिक और धार्मिक आयोजनों में शामिल होने के लिए प्रोत्साहित करना है जो उन्हें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से और मजबूती से जोड़ें."
Gen Z से जुड़ने के लिए मंत्री और क्या कर रहे हैं?
पिछले कुछ हफ्तों में सारंग ने अपने विधानसभा क्षेत्र में Gen Z को ध्यान में रखकर कई घोषणाएं की हैं. इनमें दो स्पोर्ट्स स्टेडियम बनाने की घोषणा भी शामिल है. खास बात यह है कि इन दोनों में स्विमिंग पूल भी होंगे.
स्विमिंग पूल को अभी भी ज्यादा आय वाले लोगों की सुविधा माना जाता है. ऐसे में नरेला जैसे मध्य और कम आय वाले वर्गों के दबदबे वाले इलाके में इन्हें बनाने की योजना का स्वागत किया गया है.
सारंग ने नरेला में दो सांदीपनि स्कूल बनाने की भी घोषणा की है. सांदीपनि स्कूल सरकारी स्कूल हैं जिनमें ऐसी सुविधाएं देने का दावा किया जाता है, जैसी निजी स्कूलों में होती हैं.

