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मसूद अजहर की किताबें और बम, गुजरात में कैसे पकड़ा गया JeM नेटवर्क?

13 कथित जैश-ए-मोहम्मद एजेंटों की गिरफ्तारी उन साजिशों की कड़ी में सबसे ताजा मामला है, जिन्हें एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड पिछले दो वर्षों में समय रहते नाकाम करने का दावा करता रहा है

गुजरात ATS ने जिन लोगों को पकड़ा है, उनमें से ज्यादातर युवा हैं
अपडेटेड 23 जुलाई , 2026

गुजरात के एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (ATS) ने 13 लोगों को गिरफ्तार किया है. ATS का कहना है कि ये लोग राज्य में बम धमाकों की योजना बना रहे जैश-ए-मोहम्मद (JeM) मॉड्यूल का हिस्सा थे. यह उन आतंकी साजिशों की कड़ी में सबसे ताजा मामला है, जिन्हें एजेंसी पिछले दो वर्षों में समय रहते नाकाम करने का दावा करती रही है.

यह मामला 2 जुलाई को शुरू हुआ, जब ATS ने गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता के तहत FIR दर्ज की. इसके अगले दिन गुजरात और मध्य प्रदेश में एक साथ छापेमारी कर आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया.

ATS का आरोप है कि संदिग्धों ने ‘दारुल इस्लाम गुजरात जैश-ए-मोहम्मद’ नाम का संगठन बनाया था और पाकिस्तान में मौजूद अब्दुल्ला और मोहम्मद उमर नाम के हैंडलर्स (संचालकों) के संपर्क में थे. जांचकर्ताओं का कहना है कि इस मॉड्यूल से उन्हें JeM का झंडा, JeM प्रमुख मसूद अजहर की किताबों की छपी हुई प्रतियां, उसे संबोधित एक पत्र और नेटवर्क को फंड करने के लिए कथित तौर पर रखे गए 1.30 लाख रुपए बरामद हुए.

15 जुलाई को ATS ने पाटन जिले के सिद्धपुर तालुका के खड़ियाल गांव से पांच और लोगों को गिरफ्तार किया. इसके साथ ही कुल गिरफ्तारियों की संख्या 13 हो गई. मेहसाणा के कड़ी की एक अदालत ने उन्हें 24 जुलाई तक ATS की हिरासत में भेज दिया. इनमें ज्यादातर युवा हैं और उनकी उम्र 20 से 24 साल के बीच है. ATS ने इनमें से कई को पाटन, अहमदाबाद, बनासकांठा और भरूच के मदरसों में पढ़ने वाले छात्र बताया है.

गिरफ्तारियों के दूसरे दौर की घोषणा करते हुए ATS के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल सुनील जोशी ने कहा, "इस महीने की शुरुआत में गिरफ्तार किए गए मोहम्मद अमीन शेरा से पूछताछ के दौरान एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई. पता चला कि एक और समूह के लोग उसके साथ मिलकर धमाके की तैयारी में शामिल थे."

मुख्य आरोप बम बनाने का है. सरकारी वकील पी.आर. दंतानी ने कड़ी की अदालत को बताया कि आरोपियों में से एक ने टाइम बम बनाने की कोशिश की थी. ATS का कहना है कि इन लोगों ने बारूद बनाने में इस्तेमाल होने वाले पोटैशियम नाइट्रेट, सल्फर और चारकोल ऑनलाइन पोर्टल और स्थानीय बाजारों से खरीदे. उन्होंने तारों की क्वालिटी और विस्फोटकों को भरने के लिए इस्तेमाल होने वाले पाइपों के प्रकार पर भी रिसर्च की.

ATS के लिखित बयान के मुताबिक, 2023 से फरवरी 2026 के बीच आरोपियों ने अलग-अलग जगहों पर आठ बार विस्फोटक टाइमर के सिस्टम और धमाके के तरीकों का अध्ययन करने की कोशिश की. ATS ने अदालत को बताया कि बम बनाने की सामग्री और उर्दू में JeM से जुड़ा साहित्य अभी बरामद नहीं हुआ है. हिरासत की मांग के लिए ATS ने इसे अपना आधार बताया है.

इन गिरफ्तारियों में एक जाना-पहचाना पैटर्न नजर आता है. नवंबर 2025 में भी DIG सुनील जोशी ने ही घोषणा की थी कि ATS ने तीन लोगों की साजिश को नाकाम कर दिया है कि ATS ने चीन में ट्रेनिंग ले चुके डॉक्टर अहमद मोईनुद्दीन सैयद के नेतृत्व में तीन लोगों की उस साजिश को नाकाम कर दिया है, जिसमें हमले के लिए रिकिन (एक घातक जहर) तैयार करने की योजना थी. उस समय जोशी ने कहा था कि सैयद ने "फंड जुटाने और लोगों की भर्ती करने की योजना बनाई थी" ताकि बड़ी आतंकी गतिविधि को अंजाम दिया जा सके. ATS ने कहा था कि उसका हैंडलर अबू खदीजा अफगानिस्तान स्थित इस्लामिक स्टेट खुरासान प्रोविंस का सदस्य था.

इन तीनों पर लखनऊ में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के एक कार्यालय और दिल्ली व अहमदाबाद के भीड़भाड़ वाले थोक बाजारों की निगरानी करने का आरोप था. जनवरी 2026 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने इस जांच को अपने हाथ में ले लिया. एजेंसी 2025 में लाल किले के पास हुए धमाके से संभावित संबंधों की जांच कर रही थी. NIA ने मई 2026 में अहमदाबाद की एक विशेष अदालत में तीनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की. यह मामला सुनवाई का इंतजार कर रहा है.

हाल के दूसरे मामलों में भी कथित वैचारिक जुड़ाव और समय रहते रोकी गई बताई गई साजिश का यही पैटर्न नजर आता है. जुलाई 2025 में ATS ने इंस्टाग्राम पर प्रोपेगैंडा (प्रचार) के मामले में चार लोगों को गिरफ्तार किया था. ATS ने उन्हें भारतीय उपमहाद्वीप में अल-कायदा (AQIS) से जोड़ा था. 2026 की शुरुआत में उसने ‘गजवा-ए-हिंद’ से जुड़े कंटेंट और RSS के पदाधिकारियों को निशाना बनाने की कथित योजनाओं के मामले में भी गिरफ्तारियां कीं.

ATS का कहना है कि उसने अकेले जुलाई 2025 से जुलाई 2026 के बीच 20 से ज्यादा संदिग्ध आतंकियों और कट्टरपंथी तत्वों को गिरफ्तार किया. ये गिरफ्तारियां गंभीर साजिशों के आरोपों के आधार पर हुई हैं, लेकिन इनमें से ज्यादातर मामलों में अदालत में सुनवाई अभी बाकी है.

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