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मध्य प्रदेश में जहरीली शराब सप्लाई के पीछे 'डोरस्टेप डिलीवरी' नेटवर्क का हाथ?

मध्य प्रदेश के सागर जिले में जहरीली शराब से मौतों के बाद पता चला कि गांवों में शराब की ‘डोरस्टेप डिलीवरी’ का नेटवर्क भी सक्रिय है

सागर में जहरीली शराब पीने से अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है (सांकेतिक तस्वीर)
अपडेटेड 8 सितंबर , 2026

मध्य प्रदेश के सागर जिले में नकली शराब पीने के बाद कम से कम 15 लोगों की मौत हो चुकी है और करीब 105 लोग अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं. इन मौतों के बाद राज्य में चल रहे स्थानीय स्तर के 'डोरस्टेप डिलीवरी' यानी घर तक शराब पहुंचाने वाले नेटवर्क पर पुलिस का ध्यान गया है.

पुलिस ने 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है और इनमें से 10 को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस ने पाटन गांव में एक कथित सप्लायर के घर से दो तरह की संदिग्ध शराब जब्त की है. इनमें से किस शराब की वजह से लोगों की मौत हुई और वे अस्पताल पहुंचे, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है.

लोगों के बीमार पड़ने की पहली खबर 4 सितंबर की शाम बांदा तहसील के गोगरा खुर्द, नौरोज और पाटन गांवों से आई थी. अगले दिन लोगों की मौत की खबरें आने लगीं. 

उल्टी और किडनी पर असर जैसे लक्षण सामने आए जिन्हें मिथाइल अल्कोहल से होने वाली विषाक्तता से जुड़ा माना जाता है. नकली शराब पीने के बाद ऐसे लक्षण दिखने वाले कई लोगों को बांदा सिविल अस्पताल और सागर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया.

पुलिस दो पहलुओं से जांच कर रही है:  स्थानीय स्तर पर किसी व्यक्ति ने अधिक कीमत लेकर घर तक शराब पहुंचाने की व्यवस्था के जरिए इसकी सप्लाई की. दूसरा, अंतरराज्यीय शराब माफिया ने शराब में मिलावट कर इसे बेचा.

पहले मामले में स्थानीय सप्लायर आम तौर पर शराब ठेकेदारों से शराब खरीदता है और अतिरिक्त रकम लेकर गांवों में इसकी सप्लाई करता है.

6 सितंबर को पुलिस ने बड़ी मात्रा में शराब जब्त की. इसमें देसी शराब और 'सागर गोल्ड' नाम की एक भारतीय निर्मित विदेशी शराब (IMFL) भी शामिल है. सागर गोल्ड व्हिस्की है, जिसे सागर जिले की डीएसआर डिस्टिलरी बनाती है.

राज्य के आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने कहा, "हमने पता लगा लिया है कि जब्त शराब का स्टॉक बरेठी के एक शराब ठेकेदार से खरीदा गया था. हमने संबंधित खेप की जांच करने और यह पता लगाने को कहा है कि इसे कहां-कहां सप्लाई किया गया था. साथ ही इसे बाजार से वापस मंगाने के लिए भी कहा गया है."

जांचकर्ता इस घटना में उत्तर प्रदेश के संभावित संबंधों की भी जांच कर रहे हैं. मई में उत्तर प्रदेश पुलिस ने झांसी में शराब की तस्करी के आरोप में एक दंपति को गिरफ्तार किया था. आरोपियों ने कथित तौर पर पुलिस को बताया था कि बड़ी मात्रा में अवैध शराब मध्य प्रदेश भेजी जा रही थी क्योंकि यहां इसकी मांग है.

सागर में हुई मौतों के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कई अधिकारियों को निलंबित करने का आदेश दिया है. इनमें सहायक आबकारी आयुक्त कीर्ति दुबे, सहायक जिला आबकारी अधिकारी दिलीप खंडाते और बांदा थाने के पुलिस अधिकारी राजेंद्र कुशवाहा और प्रोशनी उरेती शामिल हैं.

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