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मिनी कूपर एक्सीडेंट मामले में रसूखदार आरोपियों को बचा रही केरल पुलिस?

कोच्चि में 11 अक्टूबर को तेज रफ्तार मिनी कूपर कार ने पीछे से स्कूटर को टक्कर मार दी थी, जिसमें तीन युवाओं की मौत हो गई. अब पुलिस पर रसूखदार परिवार से ताल्लुक रखने वाले हादसे के मुख्य आरोपी को बचाने के आरोप लग रहे हैं

Speeding Mini Cooper driven by teen driver killed 3 on Sunday.
टक्कर के बाद कार
अपडेटेड 16 अक्टूबर , 2026

11 अक्टूबर की सुबह तड़के एक मिनी कूपर कार ने पीछे से स्कूटर को टक्कर मार दी. इस हादसे में तीन युवाओं की मौत के बाद से केरल पुलिस सवालों के घेरे में है. कार कथित तौर पर 19 वर्षीय सुहैल सजीव चला रहा था, जो उस समय बुरी तरह नशे में था. 

उसे उसके तीन साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया गया है. हालांकि पुलिस पर आरोप लग रहे हैं कि वह आरोपियों के रसूखदार परिवार की वजह से जांच से समझौता कर रही है. आरोपी का परिवार अनिवासी भारतीयों (NRI) का है और दुबई तथा शारजाह में बुटीक की एक चेन चलाता है.

कोच्चि में नेदुंबस्सेरी एयरपोर्ट रोड पर हुए इस हादसे में वायनाड की 21 वर्षीय देविका, पलक्कड़ की 22 वर्षीय गोपिका और कोडागु के 21 वर्षीय इजाज की मौत हो गई. इस घटना के चश्मदीद सलीम के मुताबिक, स्थानीय लोगों ने कार में सवार टीनएज ड्राइवर और उसके साथियों को घटनास्थल से भागने से रोक लिया. वे सभी कथित तौर पर नशे में थे.

सलीम कहते हैं, "तेज रफ्तार कार ने स्कूटर को टक्कर मारी तो मैं मौके पर पहुंचा. एंबुलेंस सर्विस और पुलिस को सूचना दी गई. जब लड़कों ने भागने की कोशिश की तो हमने उन्हें रोक लिया. कार चला रहा सुहैल शेखी बघारने लगा कि उसके पिता बहुत रसूखदार हैं और मामले को संभाल लेंगे."

एर्णाकुलम ग्रामीण के पुलिस अधीक्षक के.एस. सुदर्शन के मुताबिक सुहैल के साथ गिरफ्तार किए गए अन्य तीन आरोपी जोएल, निनव पलपरम्बिल और अमीर अलप्पुझा जिले के रहने वाले हैं. सुदर्शन ने मीडिया से कहा, "चारों की उम्र 19 साल है. उन पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 105 के तहत आरोप लगाए गए हैं. यह धारा हत्या की श्रेणी में न आने वाली गैर इरादतन हत्या से संबंधित है." मामले की जांच अलुवा के पुलिस उपाधीक्षक बैजू पौलोस कर रहे हैं.

एक्सीडेंट में इन तीनों युवाओं की मौत हो गई (फाइल फोटो)
एक्सीडेंट में इन तीनों युवाओं की मौत हो गई (फाइल फोटो)

बाद में पुलिस ने सुहैल और उसके तीन सह-आरोपियों को अलुवा की मजिस्ट्रेट अदालत में पेश किया. जेल मैनुअल की धारा 324 के तहत उन्हें केंद्रीय जेल भेजने के बजाय बोर्स्टल स्कूल भेज दिया गया. यहां 18 से 21 साल की उम्र के अपराधियों को रखा जाता है.

पुलिस और आबकारी विभाग की जांच में बाद में पता चला कि सुहैल और उसके साथी 10 अक्टूबर की दोपहर से आधी रात तक शराब पीने के लिए एर्णाकुलम जिले के तीन बार में गए थे. आबकारी विभाग ने 23 साल से कम उम्र के लोगों को शराब परोसने के लिए इन बार के खिलाफ मामले दर्ज किए. यह एक मामूली अपराध है, जिसके लिए जुर्माने की सजा का प्रावधान है. 

हालांकि पुलिस ने सुहैल के शरीर में शराब की मौजूदगी को नजरअंदाज करने का फैसला किया. अगर इसे ध्यान में रखा जाता तो उसे बोर्स्टल स्कूल के बजाय न्यायिक हिरासत में भेजा जा सकता था. बोर्स्टल स्कूल में केवल मामूली अपराधों के आरोपियों को रखा जाता है.

दरअसल सुहैल की गिरफ्तारी के बाद नेदुंबस्सेरी पुलिस ने जो FIR दर्ज की उसमें उसका नाम तक नहीं है. रिपोर्ट में सिर्फ कार का रजिस्ट्रेशन नंबर KL07 CR1001 दर्ज है. यह कार उसके पिता के नाम पर है. FIR में नाम न होने से मुकदमे के दौरान सुहैल को फायदा मिलने की संभावना है.

मृतकों के माता-पिता ने न्याय की मांग करते हुए आरोप लगाया कि पुलिस आरोपियों को बचाने की हर संभव कोशिश कर रही है. इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए केरल के गृह मंत्री रमेश चेन्निथला ने मीडिया को भरोसा दिलाया कि वे किसी को भी मामले से छेड़छाड़ नहीं करने देंगे. 

चेन्निथला ने कहा, "अदालती काम में किसी को दखले देने की अनुमति नहीं दी जाएगी. न्याय होगा. पुलिस मामले की जांच करेगी और कानून के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करेगी." हालांकि, उन्होंने पुलिस की किसी चूक का जिक्र नहीं किया. उन्होंने यह भी कहा कि आरोपी हरिप्पाड विधानसभा क्षेत्र के नहीं हैं, जिसका वे प्रतिनिधित्व करते हैं.

केरल हाई कोर्ट के वरिष्ठ वकील टी.के. शाहजहां कहते हैं, "अपने पेशेवर अनुभव में मैंने देखा है कि जब भी कोई अपराध दर्ज होता है तो पुलिस आरोपियों को बचाने के लिए अमीरों के दबाव के आगे झुक जाती है. जब पीड़ित गरीब होते हैं तो पुलिस FIR में खामियां छोड़ देती है ताकि रसूखदार आरोपियों को राहत मिल सके. दरअसल कानून कभी अपने आप रास्ते पर नहीं चलता. ऐसा तभी होता है, जब पुलिस संतोषजनक तरीके से जांच करती है. वरना कानून का रास्ता न्याय से वंचित करने की ओर मुड़ जाता है."

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