बीते 30 अप्रैल को ओडिशा में महिला आरक्षण विधेयक को लेकर विशेष सत्र बुलाया गया. जहां नेता प्रतिपक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने राज्य में बलात्कार और महिलाओं के प्रति हिंसक घटनाओं को लेकर सरकार को घेरा.
उन्होंने चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि कई देशों ने अपनी महिला नागरिकों को ओडिशा न जाने की सलाह दी है, क्योंकि उनके अनुसार राज्य में बलात्कार और हत्याएं रोज़मर्रा की घटनाएं बन गई हैं.
विपक्ष के नेता ने यह बात विधानसभा के बाहर पत्रकारों से कही. पूर्व मुख्यमंत्री पटनायक ने कहा, “जैसा कि आप देख सकते हैं, राज्य में बलात्कार और हत्याएं रोज़ की बात हो गई हैं. बड़े दूतावासों ने अपनी महिला नागरिकों को ओडिशा न जाने को कहा है. क्या यह हमारे राज्य के लिए शर्म की बात नहीं है? राज्य की BJP सरकार को महिलाओं की गरिमा और सशक्तीकरण की बात करने का कोई अधिकार नहीं है.”
महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामले में ओडिशा की हालत
बीते 25 मार्च को सीएम मोहन माझी ने विधानसभा सत्र के दौरान राज्य में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामलों को लेकर रिपोर्ट पेश की थी. इसमें उन्होंने बताया था कि साल 2025 में बलात्कार के 2,994 मामले सामने आए. हालांकि, साल 2024 (3,054 मामले) के मुकाबले इसमें 1.96 प्रतिशत की मामूली कमी आई है, लेकिन इसके बावजूद हर तीन घंटे में एक बलात्कार हुआ है. प्रतिदिन औसतन 8.20 महिलाएं और बच्चे इसका शिकार हुए. सीएम ने इस बात पर जोर दिया कि पुलिस ने इन मामलों में 64.46 प्रतिशत चार्जशीट दाखिल की है.
नवीन पटनायक के लगातार 24 साल सत्ता में रहने के बाद मोहन माझी ने 12 जून 2024 को राज्य की बागडोर संभाली. ऐसे में दोनों के कार्यकाल के दौरान महिलाओं के प्रति हिंसा के मामलों पर गौर करना जरूरी है.
पिछले पांच साल के राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के डेटा को देखें तो महिला के खिलाफ अपराधों में वृद्धि ही हुई है. यह आंकड़ा साल 2020 में 25,489 से बढ़कर 2025 में 33,000 से अधिक हो गया है. साल 2025 में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के कुल 33,021 मामलों में 2,994 बलात्कार, 7,382 छेड़छाड़, 1,183 यौन उत्पीड़न, 7,378 अपहरण और 4,361 दहेज उत्पीड़न के मामले शामिल हैं. वहीं साल 2024 में कुल 32,687 मामले दर्ज किए गए. साल 2023 में ओडिशा उच्च अपराध दर वाले राज्यों में शामिल रहा, जहां 25,914 मामले दर्ज हुए. यह 2022 के 23,648 मामलों से 9.6 प्रतिशत अधिक थे.
रिपोर्ट साफ बता रही है कि दोनों ही सरकारों में महिलाओं के प्रति हिंसा के मामले में कोई खास परिवर्तन देखने को नहीं मिल रहा है. अब इन आंकड़ों को देखते हुए नवीन पटनायक ने जो आरोप लगाए हैं, उसकी स्थिति देखनी होगी. राज्य की उप-मुख्यमंत्री और पर्यटन विभाग की प्रभारी पार्वती परीदा की ओर से 7 दिसंबर 2025 को दी गई जानकारी के मुताबिक, साल 2024 में ओडिशा में विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या 53,392 थी. वहीं साल 2023 में 45,173, साल 2022 में 22,171, साल 2021 में 2,269 और साल 2020 में 10,206 लोग पहुंचे. जबकि साल 2019 के आंकड़े सबसे अधिक थे, जब कुल 1.15 लाख पर्यटक आए थे.
इन पांच सालों में जापान से सबसे अधिक 4,424 पर्यटक पहुंचे. इसके बाद इटली से 3,830, जर्मनी से 3,722, यूके से 3,715 और फ्रांस से 3,008 पर्यटक ओडिशा घूमने आए थे. परीदा के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2024-25 में पूरे ओडिशा में 1,13,83,556 पर्यटक देश और विदेश से पहुंचे. वहीं 2023-24 में इनकी संख्या 1,00,14,175 थी.
आंकड़ों के इतर ध्यान देने वाली बात यह है कि 24 साल तक राज्य की सत्ता में रहने वाले नवीन पटनायक गंभीर राजनेता माने जाते हैं. अगर उन्होंने इस तरह के आरोप लगाए हैं, तो सरकार को राजनीति से इतर देश और राज्य की छवि को ध्यान में रखते हुए संबंधित देशों के दूतावासों से संपर्क स्थापित करना चाहिए. उन्हें सुरक्षा का आश्वासन देना चाहिए और आमंत्रित करना चाहिए. हालांकि, अपने दावे के समर्थन में पटनायक ने अभी तक उन देशों के नाम नहीं बताए हैं, जिन्होंने अपनी महिलाओं को ओडिशा में यात्रा करने से मना किया है.
सुरक्षा के इंतजाम
पर्यटकों की सुरक्षा और संरक्षा मूल रूप से राज्य का विषय है. हालांकि, केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय लगातार सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन से संपर्क कर पर्यटकों की जमीनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विशेष 'टूरिस्ट पुलिस' की स्थापना पर जोर देता रहा है. बीते 17 मार्च को लोकसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक, पर्यटन मंत्रालय के प्रयासों से तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, दिल्ली, गोवा, कर्नाटक, केरल, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम और उत्तर प्रदेश में टूरिस्ट पुलिस तैनात की गई है.
पर्यटकों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय ने 24×7 बहुभाषी टूरिस्ट हेल्पलाइन शुरू की है, जिसका टोल-फ्री नंबर 1800111363 और शॉर्ट कोड 1363 है. यह हेल्पलाइन 12 भाषाओं (जिसमें 10 अंतरराष्ट्रीय भाषाएं शामिल हैं) में उपलब्ध है. यह देशी-विदेशी पर्यटकों को भारत में यात्रा संबंधी जानकारी तथा संकट की स्थिति में उचित मार्गदर्शन प्रदान करती है.
वर्तमान में ई-वीजा की 14 उप-श्रेणियां उपलब्ध हैं, जैसे ई-टूरिस्ट वीजा, ई-बिजनेस वीजा, ई-मेडिकल वीजा, ई-कॉन्फ्रेंस वीजा और ई-ट्रांजिट वीजा आदि. यह योजना अब 175 देशों के नागरिकों के लिए उपलब्ध है और 38 हवाई अड्डों, 16 समुद्री बंदरगाहों तथा 2 स्थलीय बंदरगाहों से प्रवेश की अनुमति देती है.

