4 अगस्त को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्य में एक बार फिर सियासी उठा-पटक की अटकलों को हवा दे दी. उन्होंने संकेत दिया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) से नेताओं के निकलने का हालिया दौर शायद अभी खत्म नहीं हुआ है.
दिल्ली में डिनर पर शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के 22 सांसदों से मुलाकात की. इनमें 19 सांसद ऐसे थे, जिन्होंने TMC की विधानसभा चुनाव में हार और पार्टी में टूट के बाद नेशनलिस्ट सिटीजंस पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) का दामन थाम लिया था.
बैठक में वरिष्ठ नेता सुदीप बंद्योपाध्याय, काकोली घोष दस्तीदार और शताब्दी रॉय मौजूद थीं. बैठक में TMC के तीन पूर्व राज्यसभा सांसद भी शामिल हुए, जो अब BJP में हैं. इनमें सुखेंदु शेखर रॉय, सुष्मिता देव और प्रकाश चिक बराइक शामिल हैं.
हालांकि, NCPI के तीन सांसद- अबू ताहेर, खलीलुर रहमान और यूसुफ पठान- इससे पहले दिल्ली में हुई राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) की संसदीय बैठक में शामिल नहीं हुए थे. इससे सवाल उठने लगे कि क्या NCPI के सभी सांसद BJP के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ हैं. अबू ताहेर पहले ही सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि वे "न तो BJP में हैं और न ही NDA में."
जब पत्रकारों ने पूछा कि क्या अब NCPI के सभी सांसद NDA के साथ हैं तो शुभेंदु अधिकारी ने रहस्यमयी अंदाज में जवाब दिया. उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "जब तस्वीरें जारी हों तो उन्हें गिन लेना. एक, दो, तीन, चार, पांच. जरूरत पड़ी तो और भी (सांसद) हो सकते हैं. यह तो सिर्फ एक झलक है. अभी बहुत कुछ बाकी है."
उनकी इस टिप्पणी के बाद तुरंत अटकलें शुरू हो गईं कि आने वाले हफ्तों में और नेता भी पाला बदल सकते हैं.
NDA में औपचारिक रूप से शामिल होने के बाद यह पहला मौका था जब शुभेंदु अधिकारी ने NCPI के लोकसभा सांसदों से सामूहिक रूप से मुलाकात की. इससे पहले सुदीप बंद्योपाध्याय और काकोली घोष दस्तीदार जैसे नेता अलग-अलग मुख्यमंत्री से मिल चुके थे. लेकिन 4 अगस्त की बैठक में पहली बार पार्टी के संसदीय दल के सभी सांसद एक साथ जुटे.
बैठक स्थल बंग भवन से निकलने के बाद शुभेंदु अधिकारी ने संसद में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की. मुख्यमंत्री ने कहा, "निर्मला जी पश्चिम बंगाल को बहुत अच्छी तरह जानती हैं. वे BJP के लिए प्रचार करने कई बार राज्य आ चुकी हैं. हमने दो खास मुद्दों पर चर्चा की. एक चाय बागान के श्रमिकों से जुड़ा था और दूसरा वस्त्र उद्योग के श्रमिकों से." उन्होंने कहा कि यह बातचीत सकारात्मक रही.
इससे पहले दिन में शुभेंदु अधिकारी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की. इसके बाद उन्होंने पश्चिम बंगाल BJP अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के साथ भी चर्चा की.
NDA में NCPI की भूमिका को लेकर अटकलों के बावजूद पार्टी नेताओं का कहना है कि 4 अगस्त की बैठक का केंद्र राजनीति नहीं, बल्कि सुशासन था. शताब्दी रॉय ने कहा कि NDA की बैठक में गठबंधन के भीतर पार्टी की भूमिका पर कोई चर्चा नहीं हुई. बैठक का फोकस निर्वाचन क्षेत्रों के विकास और प्रशासनिक मुद्दों पर रहा.
NCPI की एक अन्य सांसद रचना बनर्जी ने भी संकेत दिया कि सियासी उठा-पटक का दौर अभी खत्म नहीं हुआ है. उन्होंने कहा, "हम सभी 20 लोग एक साथ हैं. यह संख्या और भी बढ़ सकती है." जब उनसे पूछा गया कि और कौन पार्टी में शामिल हो सकता है, तो वह सिर्फ मुस्कुराईं और बोलीं, "यह तो आप ही पता लगाइए."
शुभेंदु अधिकारी ने इसे "सिर्फ शुरुआत" बताते हुए कहा कि इस बैठक के बाद एक बार फिर यह अटकलें तेज हो गई हैं कि क्या पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद शुरू हुई सियासी उठापटक अब एक नए चरण में प्रवेश करने वाली है.

