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अजित पवार की जान लेने वाले प्लेन क्रैश पर क्यों उठ रहे सवाल?

बारामती हवाई अड्डे के पास हुई विमान दुर्घटना को लेकर अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने साजिश का आरोप लगाया है और यह आरोप उस वक्त सामने आया जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के बीच विलय को लेकर बातचीत अंतिम चरण में थी

अजीत पवार के विमान हादसे को लेकर उठ रहे सवाल
अजीत पवार के विमान हादसे को लेकर उठ रहे सवाल
अपडेटेड 13 फ़रवरी , 2026

28 जनवरी को महाराष्ट्र के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का विमान दुर्घटना में निधन हो गया. इस घटना के करीब 15 दिन बाद पहली बार पवार परिवार के एक सदस्य ने इस त्रासदी के पीछे साजिश होने का दावा किया है.

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद) के विधायक और अजीत पवार के भतीजे रोहित पवार ने कहा, "बारामती में हुई विमान दुर्घटना महज एक हादसा नहीं बल्कि इसमें साजिश होने की संभावना है." रोहित ने मुंबई और दिल्ली में आयोजित मीडिया कॉन्फ्रेंस में ये बात कही है.

उन्होंने कहा कि इस मामले की गहन जांच की मांग करने के लिए वह केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करने की कोशिश करेंगे. 28 जनवरी को सुबह लगभग 8:46 बजे, अजित पवार (66) को ले जा रहा लेयरजेट 45XR विमान पुणे जिले के बारामती स्थित हवाई अड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया.

अजित पवार जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनावों के लिए प्रचार करने बारामती जा रहे थे. उनके निधन के बाद उनकी पत्नी और राज्यसभा सदस्य सुनेत्रा पवार ने महाराष्ट्र सरकार में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली.  यह दुर्घटना ऐसे समय में हुई, जब NCP के दोनों गुटों के बीच विलय को लेकर बातचीत अंतिम चरण में थी. अजीत पवार अपने चाचा और पूर्व केंद्रीय मंत्री शरद पवार के साथ इस मुद्दे पर लगातार बातचीत कर रहे थे.

जुलाई 2023 में अजीत पवार ने अपने चाचा को दरकिनार करते हुए एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकार में उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री के रूप में शपथ ली. यह अचानक घटनाक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जरिए NCP पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाने के कुछ ही दिनों बाद सामने आया.

NCP में टूट और दलबदल को लेकर फैले आक्रोश के चलते 2024 के लोकसभा चुनाव में बारामती से अजीत पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार की हार हुई. सुनेत्रा को किसी और ने नहीं बल्कि अजीत की चचेरी बहन और शरद पवार की बेटी सुप्रिया सुले ने हराया था. कहा जाता है कि अजीत पवार परिवार को आज भी इस बात का दुख है.

अजीत के चचेरे भाई राजेंद्र पवार के बेटे रोहित ने एक पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन तैयार किया, जिसमें उन्होंने दुर्घटना के संभावित कारणों से संबंधित कथित खामियों पर सवाल उठाए. प्रेजेंटेशन में उन्होंने VSR एविएशन के उस व्हाट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट को भी दिखाया, जिसमें दुर्घटनाग्रस्त विमान को लीज पर दिए जाने का जिक्र था.

पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के मुताबिक, कुछ व्हाट्सएप चैट में पायलट की कथित शराब पीने की समस्या और उसे कथित तौर पर शाम के समय स्टंट नहीं करने की चेतावनी का जिक्र है. इन संदेशों में यह भी बताया गया है कि पायलट के नशे में होने के कारण एक VIP उड़ान रद्द करनी पड़ी थी. रोहित ने दावा किया कि सत्ताधारी महायुति गठबंधन के एक वरिष्ठ नेता ने VSR एविएशन की उड़ान से नांदेड़ की यात्रा की थी और खराब लैंडिंग के लिए कंपनी से पायलट की शिकायत की थी.

रोहित ने पूछा कि बारामती जाने वाले विमान को उड़ाने के लिए पहले से तय दो पायलटों को क्यों बदला गया और क्या उनकी जगह आए पायलटों का ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट किया गया था? उन्होंने विमान के रखरखाव को लेकर भी सवाल उठाए हैं. उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या उस विमान में अतिरिक्त ईंधन के डिब्बे ले जाए जा रहे थे, जो गैरकानूनी था.

इसके अलावा, रोहित ने कहा कि रिकॉर्ड किए गए ट्रांसक्रिप्ट के मुताबिक वरिष्ठ पायलट घटना से पहले चुप थे. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या लैंडिंग के दौरान उन्हें नींद आ गई थी या उन्होंने क्रैश-लैंडिंग करने का मन बना लिया था. अजीत पवार के भतीजे रोहित ने कहा, “हम शोक में डूबे हैं और हमें यह जानना ही होगा कि मेरे चाचा के साथ ऐसा क्यों हुआ? यह मेरी चाची (सुनेत्रा), पार्थ और जय (अजीत के बेटों) के लिए बहुत ज़रूरी है.”

उन्होंने आशंका जाहिर करते हुए कहा कि अजीत को शायद अपनी जान का खतरा महसूस हुआ होगा, इसीलिए पिछले कुछ महीनों से उन्होंने प्लास्टिक की बोतलों से पानी पीना बंद कर दिया था. इतना ही नहीं उन्होंने कांच की बोतलों से पानी पीना शुरू कर दिया था क्योंकि उन्हें लगता था कि उसमें कुछ मिलाया जा सकता है. रोहित ने सवाल उठाया कि क्या राज्य का आपराधिक जांच विभाग (CID), जिसने समानांतर जांच शुरू की है, वास्तव में इस मामले की जांच कर सकता है.

उन्होंने मांग की कि किसी बाहरी एजेंसी, जैसे कि यूनाइटेड किंगडम की वायु दुर्घटना जांच शाखा, फ्रांस का नागरिक उड्डयन सुरक्षा जांच और विश्लेषण ब्यूरो, या संयुक्त राज्य अमेरिका का राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड को दुर्घटना की जांच करने के लिए कहा जाए.

जहां एक ओर परिवार के मुखिया शरद पवार ने दुर्घटना के कुछ ही घंटों बाद किसी भी साजिश की संभावना से इनकार कर दिया था. वहीं, रोहित ने शरद पवार के बयान पर बताया कि यह उस समय उपलब्ध सीमित जानकारी के आधार पर कहा गया था. उन्होंने बताया कि अजीत के अंतिम संस्कार के लिए लाखों शोक संतप्त लोगों के बारामती आने की उम्मीद थी. ऐसे में किसी भी तरह की कानून-व्यवस्था की समस्या पैदा नहीं हो, इसलिए ऐसा कहा गया था.

रोहित ने दावा किया कि अजीत को 27 जनवरी को पुणे होते हुए बारामती जाना था. अगले दिन चार्टर्ड प्लेन लेने का फैसला शाम 7 बजे के बाद लिया गया और फ्लाइट की पुष्टि आधी रात के बाद ही हुई थी.

27 जनवरी की शाम को रोहित ने दावा किया कि पूर्वी विदर्भ के एक प्रमुख नेता अजीत से मिलने आए थे. यह नेता उम्मीद से ज़्यादा देर से पहुंचे और उनकी बातचीत देर रात तक चली. नेता चाहते थे कि अजीत मंत्रालय स्थित उनके कार्यालय में मौजूद एक अत्यंत महत्वपूर्ण फाइल को मंजूरी दें.

बातचीत में NCP के जरिए नियुक्त एक राजनीतिक सलाहकार के अनुबंध को रद्द करने का मुद्दा भी शामिल था, इसलिए बैठक लंबी खिंच गई. रोहित ने दावा किया कि नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के नियमों के मुताबिक, खराब मौसम के कारण कम दृश्यता होने पर मुंबई से उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी.

रोहित ने दावा किया कि दुर्घटना से ठीक पहले सुबह 8:43 बजे विमान का ट्रांसपोंडर बंद कर दिया गया था. दरअसल, ट्रांसपोंडर ट्रांसमीटर और रेस्पोंडर का एक मिश्रित रूप है, जिसका उपयोग सैटेलाइट, विमानन और संचार प्रणालियों में सिग्नल को बढ़ाने और रिले करने के लिए किया जाता है.

उन्होंने कहा, “ट्रांसपोंडर बंद क्यों हुआ या इसे किसने बंद किया? ये सवाल हमें परेशान कर रहे हैं.” उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पायलट ने आसान रनवे के बजाय मुश्किल रनवे पर उतरने का विकल्प क्यों चुना? रोहित ने कहा, “यह फैसला सह-पायलट नहीं, बल्कि मुख्य पायलट लेता है. सह-पायलट तो बस इसकी सूचना एयर ट्रैफिक कंट्रोल को देता है.”

रोहित ने NCP के कुछ वरिष्ठ नेताओं पर भी परोक्ष रूप से निशाना साधा और संकेत दिया कि इन्हीं नेताओं ने सुनेत्रा को जल्दबाजी में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई. उन्होंने कहा, “ये नेता राज्य में अपनी सत्ता बनाए रखना चाहते हैं. पार्टी के प्रमुख नेताओं को लगा कि यह जरूरी है. सुनेत्रा की इच्छा न होने के बावजूद उन्हें जल्दबाजी में शपथ दिलाई गई.”

2023 में खराब मौसम के कारण VSR लेयरजेट का एक विमान मुंबई हवाई अड्डे पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. विमान में सवार सभी लोग बच गए थे. यूरोपीय संघ विमानन सुरक्षा एजेंसी (EASA) ने सुरक्षा चिंताओं के चलते कंपनी का का मान्यता रद्द कर दिया था. रोहित ने दावा किया कि मुंबई हवाई अड्डे की दुर्घटना की रिपोर्ट बारामती घटना तक जमा नहीं की गई थी और उन्होंने देरी के कारणों पर सवाल उठाए.

रोहित ने आरोप लगाते हुए कहा, “हमें लगता है कि VSR का DGCA पर दबदबा है... इसीलिए रिपोर्ट को दबा दिया गया. अगर रिपोर्ट तब तक सरकार तक पहुंच गई होती, तो कुछ चीजें बदल गई होतीं और मेरे चाचा अजीत दादा आज जीवित होते.” उन्होंने स्थानीय लोगों का एक वीडियो दिखाकर बताया कि अजीत के विमान से एक अलग तरह की आवाज आ रही थी और वह गांव के एक मंदिर के शिखर से टकराने ही वाला था. उन्होंने इस दावे को भी खारिज कर दिया कि उनके चाचा का शव दुर्घटनास्थल पर नहीं मिला था.

उन्होंने प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) और DGCA के जरिए दी गई जानकारी और हवाई यातायात नियंत्रण के रिकॉर्ड में कथित विसंगतियों पर चिंता जताई. 12 फरवरी को नई दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए रोहित ने दावा किया कि NCP के लोकसभा सांसद और महाराष्ट्र इकाई के अध्यक्ष सुनील तटकरे 27 जनवरी की शाम अजीत से मिलने आए थे और दोनों के बीच एक राजनीतिक सलाहकार का अनुबंध रद्द करने को लेकर बहस हुई थी.

NCP के राज्यसभा सांसद और कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल पटेल ने अजीत को एक फाइल के संबंध में फोन किया था, जिसे वे मंजूरी दिलाना चाहते थे. इन्हीं सब वजहों से अजीत पवार को सड़क मार्ग के बजाय हवाई जहाज से यात्रा करनी पड़ी थी. रोहित ने NCP नेता प्रमोद हिंदुराव के इस संबंध में दिए गए बयानों की ओर इशारा किया. उन्होंने कहा, “मैं किसी पर आरोप नहीं लगा रहा. मुझे लगता है कि एक उचित जांच की जरूरत है. मुझे लगता है कि जांच उस तरह से नहीं हो रही है जैसी होनी चाहिए.”

उन्होंने आगे कहा, “उनकी पार्टी और सरकार के लोग राजनीति में व्यस्त हैं... शायद इसीलिए वे इस बात पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं कि अजीत दादा की दुर्घटना हुई थी या करवाई गई थी.” उन्होंने यह भी कहा कि संसद सत्र के कारण वे अमित शाह या नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू किंजरापु से नहीं मिल पाए, इसलिए वे उन्हें पत्र लिखेंगे.

इससे पहले, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि अजित पवार जैसे लोकप्रिय और वरिष्ठ नेता की मृत्यु को देखते हुए विमान दुर्घटना की जांच की मांग जायज है. फडणवीस ने कहा कि जांच के लिए केंद्र सरकार को पत्र लिखने वाले वे पहले व्यक्ति थे और नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक जांच समिति गठित की है.

विमानन सुरक्षा महानिदेशक सभी विमान दुर्घटनाओं की जांच करते हैं और इस मामले की भी जांच कर रहे हैं. साथ ही नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (DGCA) भी इस मामले की जांच कर रही है. CID ​​​​भी घटना को लेकर समानांतर जांच कर रही है. उन्होंने कहा कि फोरेंसिक साक्ष्य जुटाए जा चुके हैं और ऑडिट जारी है.

अब सीएम देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले में कहा, “जांच जारी रहने के दौरान इस तरह की अटकलें लगाने से लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा होगी.” उन्होंने आगे कहा, “मुझे लगता है कि किसी को भी जांच एजेंसियों पर अविश्वास नहीं दिखाना चाहिए. ये एजेंसियां ​​अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप हैं और कई छोटे देशों में भी जांच के लिए इन्हें बुलाया जाता है.”

उन्होंने आगे कहा कि रोहित ने शायद भावनाओं में बहकर ये बातें कही होंगी. फडणवीस का कहना है कि यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि दुर्घटना का राजनीतिक उद्देश्यों के लिए दुरुपयोग न हो. अजीत पवार की पार्टी NCP के एक वरिष्ठ नेता ने कहा कि वे दुर्घटना के कारणों की जांच की मांग का समर्थन करते हैं, लेकिन NCP (शरद) इसका इस्तेमाल विलय के लिए दबाव बनाने के लिए कर रही है.

उन्होंने कहा, "ये कहना कि अजीत ने गड़बड़ी की आशंका से प्लास्टिक की बोतलों से पानी पीना छोड़ दिया, यह तर्क बेबुनियाद और राजनीतिक रूप से प्रेरित लगते हैं." रोहित की नई दिल्ली यात्रा और उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस सुनेत्रा पवार की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह से मुलाकात के लिए दिल्ली की उनकी पहली आधिकारिक यात्रा के साथ मेल खाती है. अजीत पवार की पार्टी के एक अन्य नेता ने टिप्पणी की, "दिल्ली में उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस का समय और उद्देश्य संदिग्ध है."

NCP के महासचिव और प्रवक्ता सूरज चव्हाण ने कहा कि जनता यह जानना चाहती है कि अजीत की मौत एक दुर्घटना थी या साजिश के कारण हुई. उन्होंने पूछा, “अगर यह एक दुर्घटना थी, तो क्या यह तकनीकी खराबी या पायलट की गलती के कारण हुई थी. अगर यह साजिश थी, तो इसके लिए कौन जिम्मेदार है?”

NCP (शरद) के एक पदाधिकारी ने कहा कि दुर्घटना के कारणों को लेकर कई सवाल अभी भी बने हुए हैं, लेकिन इस मुद्दे को जीवित रखना पार्टी के हित में भी है. इससे उन्हें विलय वार्ता के लिए बातचीत की मेज पर लौटने पर अतिरिक्त लाभ मिलेगा. नेता ने कहा, "यह एक भावनात्मक मुद्दा भी है क्योंकि अजीत दादा अपनी पार्टी की ओर से विलय वार्ता का नेतृत्व कर रहे थे." उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में दोनों पार्टियों को किसी न किसी मोड़ पर एकजुट होना ही होगा, अन्यथा BJP  के जरिए अप्रासंगिक बना दिए जाने का खतरा है.

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