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डार्क मोड

बंबल का बदला नियम डेटिंग के किस ट्रेंड का इशारा?

डेटिंग ऐप्स से बढ़ती थकान के बीच यूजर्स अब कम दबाव और ज्यादा लचीलेपन वाला अनुभव चाहते हैं

ऑनलाइन डेटिंग में महिलाओं को पसंद है चुनाव लेकिन वे यह भी चाहती हैं कि पहल पुरुष करें
अपडेटेड 17 अगस्त , 2026

एक दशक से ज्यादा समय तक एक नियम ने बंबल को दूसरे डेटिंग ऐप्स से अलग रखा. हेट्रोसेक्शुअल मैच में बातचीत की शुरुआत महिला ही कर सकती थी. बीते हफ्ते कंपनी ने यह नियम खत्म कर दिया.

बंबल पर अब दोनों में से कोई भी पहला मैसेज भेज सकता है. बातचीत शुरू करने और उसका जवाब देने के लिए मिलने वाला समय भी 24 घंटे से बढ़ाकर 72 घंटे कर दिया गया है.

यह बदलाव अहम है क्योंकि महिलाओं की पहल वाला नियम सिर्फ एक फीचर नहीं था. 2014 में लॉन्च होने के बाद से यह बंबल की पहचान का अहम हिस्सा रहा है.

इस मामले पर कंपनी की सफाई बदलते डेटिंग व्यवहार की दिलचस्प तस्वीर पेश करती है. बंबल के एक सर्वे में 66 फीसदी महिलाओं ने कहा कि वे चाहेंगी कि पहल पुरुष करें. नए सिस्टम के टेस्ट में भी बातचीत शुरू करने वाले पुरुषों और महिलाओं का अनुपात ज्यादा बराबर रहा और कुल चैट एक्टिविटी में भी बढ़ोतरी हुई.

नई दिल्ली की 31 वर्षीय मार्केटिंग प्रोफेशनल अपर्णा कपाड़िया को शुरुआत में पुराना नियम पसंद आया था. हालांकि ऑनलाइन डेटिंग के कई साल बाद हर बातचीत की शुरुआत करना उन्हें सशक्त बनाने के बजाय एक काम जैसा लगने लगा.

वे कहती हैं, "मुझे यह पसंद था कि मुझसे कौन संपर्क कर सकता है, इस पर मेरा नियंत्रण था. लेकिन जब हम दोनों एक-दूसरे को पसंद कर चुके थे तो हर बार बातचीत की शुरुआत मुझे ही क्यों करनी थी, यह समझ नहीं आता था. कभी-कभी मैं देखना चाहती थी कि क्या वह पुरुष खुद पहल करने में इतनी दिलचस्पी रखता है."

नियंत्रण और पहल के बीच का यह अंतर बंबल के फैसले को समझने में मदद कर सकता है. अब महिलाएं तय कर सकती हैं कि वे किससे मैच करना चाहती हैं लेकिन इसका मतलब यह जरूरी नहीं कि हर बातचीत शुरू करने की जिम्मेदारी भी उन्हीं की हो.

यह बदलाव डेटिंग ऐप्स को लेकर बढ़ती थकान के बीच भी आया है. बंबल के पेइंग यूजर्स (भुगतान करने वाले यूजर्स) की संख्या पिछले साल की तुलना में 16 फीसदी घटकर हालिया तिमाही में 31.6 लाख रह गई.

2021 में अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद कंपनी के शेयरों की ज्यादातर कीमत गिर चुकी है. वहीं डेटिंग प्लेटफॉर्म भी मैचिंग की प्रक्रिया को कम दोहराव वाली और कम लेन-देन जैसी बनाने के तरीकों पर प्रयोग कर रहे हैं.

बातचीत की शुरुआत का दबाव पुरुषों के लिए भी हमेशा सहज नहीं होता. मुंबई में फायनेंस सेक्टर में काम करने वाले 34 वर्षीय संजय नांगिया कहते हैं कि बंबल का नियम शुरुआत में ऑनलाइन महिलाओं से संपर्क करने की अनिश्चितता को खत्म करता था.

वह बताते हैं, "अगर उसका मैसेज आता था तो मुझे पता होता था कि वह वास्तव में दिलचस्पी रखती है. दूसरे ऐप्स पर आप 10 लोगों से मैच कर सकते हैं और आपको पता ही नहीं होता कि उनमें से कोई वास्तव में बात करना चाहता है या नहीं. लेकिन जब मैं खुद खुशी से बातचीत शुरू कर सकता था तब भी सिर्फ इंतजार करना मुझे अजीब लगता था."

बंबल ने 2024 में ही इस पाबंदी को कम करना शुरू कर दिया था. इसके लिए 'ओपनिंग मूव्स' की शुरुआत की गई थी. इसमें महिलाएं ऐसे सवाल तय कर सकती थीं, जिनका जवाब पुरुष पहले दे सकते थे. ताजा बदलाव के साथ यह प्रक्रिया पूरी हो गई है.

इस प्रयोग से एक बड़ी सीख भी मिल सकती है. डेटिंग में महिलाओं को ज्यादा अधिकार देना जरूरी नहीं कि डेटिंग की हर पारंपरिक व्यवस्था को उलट देना हो. कोई महिला यह चाह सकती है कि वह किसे डेट करे, इस पर उसका ज्यादा नियंत्रण हो, अनचाहे ध्यान से उसे बेहतर सुरक्षा मिले और रिश्ता बराबरी का हो.

इस सबके बावजूद महिला यह पसंद कर सकती है कि प्रेम संबंध की शुरुआत पुरुष करे. बंबल के सर्वे में 66 फीसदी महिलाओं का पुरुषों द्वारा पहल किए जाने को पसंद करना बताता है कि कम से कम इस ऐप की कई महिलाओं के लिए ये पसंद एक-दूसरे के विरोधाभासी नहीं हैं.

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